इस्लामाबाद | पाकिस्तान ने उन मीडिया रिपोर्टों को सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें दावा किया गया था कि उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशहाक डार ने वाशिंगटन में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के साथ ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी कोई संवेदनशील जानकारी साझा की है। विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने इन खबरों को पूरी तरह निराधार बताते हुए स्पष्ट किया कि ऐसी किसी भी प्रकार की सूचना का आदान-प्रदान दोनों नेताओं के बीच नहीं हुआ है।
विवाद की पृष्ठभूमि
यह विवाद तब शुरू हुआ जब सीआईए के पूर्व विश्लेषक लैरी जॉनसन ने एक अज्ञात सूत्र का हवाला देते हुए दावा किया कि डार और रूबियो की मुलाकात के दौरान ईरान की परमाणु गतिविधियों और उसकी भावी रणनीतियों पर चर्चा हुई थी। इस दावे के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई सवाल उठने लगे थे, जिन्हें अब पाकिस्तान ने आधिकारिक तौर पर सिरे से नकार दिया है। पाकिस्तान का कहना है कि उनकी वाशिंगटन यात्रा का उद्देश्य केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना था।
द्विपक्षीय सहयोग पर जोर
विदेश कार्यालय के अनुसार, डार और रूबियो की बैठक का मुख्य एजेंडा व्यापार, निवेश, सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी सहयोग जैसे आपसी हितों के क्षेत्रों को प्रगाढ़ बनाना था। दोनों पक्षों ने अपनी सुरक्षा और समृद्धि के लिए सार्थक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की है। पाकिस्तान ने दोहराया है कि अमेरिका के साथ उनकी बातचीत का दायरा केवल द्विपक्षीय हितों तक ही सीमित रहा है और इसमें ईरान से संबंधित कोई भी विवादास्पद मुद्दा शामिल नहीं था।

