मुंबई | भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति ने आम जनता को बड़ी राहत देते हुए रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखने का निर्णय लिया है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने घोषणा की कि केंद्रीय बैंक अपना ‘न्यूट्रल’ रुख जारी रखेगा। इस फैसले के चलते लोन उपभोक्ताओं को फिलहाल अपनी ईएमआई में किसी प्रकार की बढ़ोतरी का सामना नहीं करना पड़ेगा, जिससे लाखों परिवारों को बड़ी राहत मिली है।
विकास दर और महंगाई के अनुमान
वैश्विक चुनौतियों को देखते हुए आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष (FY27) के लिए आर्थिक अनुमानों में संशोधन किया है। जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान 6.9% से घटाकर 6.6% कर दिया गया है, जबकि खुदरा महंगाई (CPI) का अनुमान 4.6% से बढ़कर 5.1% हो गया है। गवर्नर ने कहा कि भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें अर्थव्यवस्था के लिए मुख्य चुनौतियां बनी हुई हैं, जिस पर केंद्रीय बैंक की कड़ी नजर है।
बैंकिंग प्रणाली और निवेश को बढ़ावा
आरबीआई ने घरेलू अर्थव्यवस्था की स्थिरता पर भरोसा जताते हुए बैंकिंग प्रणाली में पर्याप्त नकदी बनाए रखने का आश्वासन दिया है। निवेशकों को आकर्षित करने के लिए सरकार ने विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) के निवेश नियमों को आसान बनाया है, साथ ही अनिवासी भारतीयों (NRI) के लिए इक्विटी निवेश की सीमा में भी बढ़ोतरी की गई है। गवर्नर ने स्पष्ट किया कि आगे के नीतिगत निर्णय पूरी तरह से डेटा और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों पर आधारित होंगे।

