
जबलपुर। हाईकोर्ट ने एक याचिका का इस निर्देश के साथ निराकरण कर दिया कि 270 दिन के अर्जित अवकाश का भुगतान 60 दिन में करें। याचिकाकर्ता टीकमगढ़ निवासी राम जीवन वर्मा की ओर से अधिवक्ता शंकर प्रसाद सिंह व शुभंकर सोनकर ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि 10 अप्रैल 1981 को एलडीटी के पद पर आदिम जाति कल्याण विभाग में नियुक्ति हुई थी। पाच सितंबर 1988 को अधीक्षक के रूप में पदोन्नति हुई। 31 जनवरी 2024 को सेवानिवृत्ति हुई। उस समय सेवा-पुस्तिका में 270 दिन का अर्जित अवकाश शेष था। इसके बावजूद भुगतान नहीं किया गया। जिस कारण चार सितंबर 2024 को आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग भोपाल को अभ्यावेदन दिया गया। जिसमें कहा गया कि हरीश साहू, नवल किशोर, रमेशचंद, विजय कुमार खरे, लखनलाल राठौर, बैजनाथ गुंजबार को जैसे लाभ दिया, वैसे ही दिया जाये। जिसके बाद न्यायालय ने उक्त राहतकारी आदेश दिया।
