
सिंगरौली। जिले के देवसर स्थित प्रथम अपर सत्र न्यायालय ने दहेज प्रताड़ना एवं विवाहिता की संदिग्ध मौत के चर्चित मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए आरोपी पति रूपनारायण उर्फ छोटे सिंह गोंड को दोषी ठहराया है। यह निर्णय प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश राजकुमार वर्मा की अदालत द्वारा आज 4 जून को सुनाया गया।
न्यायालय के अभिलेखों के अनुसार मामला थाना जियावन क्षेत्र के ग्राम छोटा बंधा का है। अभियोजन के मुताबिक मृतिका रुना सिंह गोंड का विवाह आरोपी रूपनारायण सिंह गोंड से हुआ था। विवाह के बाद से आरोपी द्वारा दहेज की मांग को लेकर पत्नी को शारीरिक एवं मानसिक रूप से प्रताड़ि़त किया जाता था। 6 जुलाई 2025 को रुना सिंह की फांसी लगने से मृत्यु हो गई थी। घटना विवाह के सात वर्ष के भीतर घटित होने तथा मृतिका को दहेज के लिए प्रताड़ि़त किए जाने के पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी माना।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक अधिकारी मारकण्डेय मणि त्रिपाठी ने साक्ष्य एवं गवाहों के आधार पर आरोपी के विरुद्ध प्रभावी पैरवी की। वहीं बचाव पक्ष ने आरोपी के प्रथम अपराधी एवं युवा होने का हवाला देते हुए नरमी बरतने की मांग की। लेकिन न्यायालय ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए इस तर्क को स्वीकार नहीं किया। न्यायालय ने आरोपी रूपनारायण उर्फ छोटे सिंह गोंड, पुत्र मनबहोर सिंह गोंड उम्र 25 वर्ष निवासी ग्राम छोटा बंधा, थाना जियावन को भारतीय न्याय संहिता की धारा 80(2) के तहत 10 वर्ष के कठोर कारावास एवं 1 हजार रुपये अर्थदंड तथा धारा 85 के तहत 3 वर्ष के कठोर कारावास एवं 1 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड जमा नहीं करने की स्थिति में दोनों धाराओं में पृथक-पृथक छ:-छ: माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अदालत के इस निर्णय को दहेज प्रताड़ना एवं महिला उत्पीड़न के मामलों में एक महत्वपूर्ण न्यायिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
