बैतूल: जिला प्रशासन ने गढ़ा डैम परियोजना के कारण डूब में गई वन भूमि के बदले आवंटित 37 हेक्टेयर राजस्व भूमि को अतिक्रमणमुक्त कर वन विभाग को सौंप दिया। इस कार्रवाई के दौरान दो दर्जन से अधिक आदिवासी परिवारों का कब्जा हटाया गया।प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार बैतूल विकासखंड में गढ़ा डैम निर्माण के कारण वन विभाग की लगभग 37 हेक्टेयर भूमि डूब क्षेत्र में चली गई थी। इसके बदले राजस्व विभाग की भूमि वन विभाग को हस्तांतरित की जानी थी, लेकिन उक्त भूमि पर लंबे समय से अतिक्रमण था।
कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे के निर्देश पर ग्राम डूडाबोरगांव एवं आसपास के क्षेत्र में राजस्व, पुलिस और वन विभाग के संयुक्त अमले ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) डॉ. अभिजीत सिंह ने बताया कि शासकीय भूमि को कब्जामुक्त कर विधिवत वन विभाग को हस्तांतरित कर दिया गया है।
सूत्रों के अनुसार संबंधित भूमि पर दो दर्जन से अधिक आदिवासी परिवारों का कब्जा था। इनमें कुछ लोगों द्वारा कृषि कार्य किया जा रहा था तथा एक मकान का निर्माण भी किया गया था। संयुक्त अमले ने अतिक्रमण हटाते हुए फसल को हटाया और अवैध निर्माण को भी ध्वस्त किया।
कार्रवाई के दौरान अनुविभागीय अधिकारी पुलिस सुनील लाटा, वन विभाग के अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, थाना प्रभारी, राजस्व निरीक्षक, पटवारी तथा अन्य अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन ने कहा है कि शासकीय भूमि पर अतिक्रमण के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा। वन विभाग को सौंपी गई भूमि पर वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण संबंधी गतिविधियां संचालित की जाएंगी।
