
इंदौर। आज कलेक्ट्रेट कार्यालय में पूर्वी रिंग रोड और इंदौर मनमाड़ रेल परियोजना के किसानों ने अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी कर चार गुना मुआवजा और सड़क का अलॉयमेंट बदलने की मांग कर रहे थे।
इंदौर प्रस्तावित 164 किलोमीटर के पूर्वी रिंग रोड और इंदौर मनमाड़ रेल परियोजना में किसानों की हजारों हेक्टेयर जमीन ली जा रही है। जमीन के बदले किसानों को कलेक्टर गाइड लाइन का मुआवजा देने का प्रस्ताव तय है। पूर्व में किसान संघ के साथ प्रदर्शन में झूठा आश्वाशन मिलने की बात पर भी किसान नाराजगी जाहिर कर रहे थे। उनका आरोप था कि ग्रीन फील्ड कॉरिडोर वालों को चारगुना मुआवजा और विकसित जगह दी जाएगी।
उक्त विरोधाभास को लेकर आज 44 गांव के सैंकड़ों किसान कलेक्टर कार्यालय पर पहुंचे और कपड़े उतारकर परिसर में अर्धनग्न होकर धरने पर बैठ गए। किसानों ने हाथों में तख्तियां ले हुई थी, जिस पर किसानों पर अन्याय करना बंद करो और उपजाऊ जमीन लेना बंद करो के नारे लगाए गए।
इस दौरान प्रदर्शन करते हुए दो किसान गर्मी तेज होने बेहोश हो गए। बेहोश हुए किसानों न इलाज लेने मना कर दिया। इतना ही नही एसडीएम के पानी पिलाने और अन्य व्यावस्घदोक ठुकरा दिया। किसानों ने कहा कि हम 5 सौ लोगों का खाना पीना साथ लाए हैं,अपील मदद नहीं चाहिए।
जब किसान नही माने तो कलेक्टर शिवम वर्मा एसडीएम घनश्याम धनगर के साथ किसानों के बीच पहुंचे। कलेक्टर के सामने किसानों ने दो मांग रखी । पहली पूर्वी रिंग रोड का अलॉयमेंट बदला जाए और दूसरा जमीन का मुआवजा चार गुना दिया , कलेक्टर गाइडलाइन का स्वीकार नहीं है।
किसानों की मांग सुनने के बाद कलेक्टर वर्मा ने मुआवजा बढ़ाकर ग्रीन फील्ड कॉरिडोर के समान दिलाने का आश्वाशन दिया। वही सड़क के अलॉयमेंट बदलने की मांग शासन को भेजने का खाते हुए बताया कि अलॉयमेंट बदलने का अधिकार कलेक्टर को नहीं है। कलेक्टर की बात से सहमत होकर किसानों ने प्रदर्शन खत्म किया।
