
शाजापुर। पिछले दो माह से जिले के सलसलाई व आसपास के ग्रामीणों की नींद उड़ी हुई है, कारण गांव में तेंदुए की मौजूदगी जो समय.समय पर शिकार कर रहा है, गुरूवार को भी सलसलाई के जंगल में हिरणों के ताजे कंकाल मिलने से ग्रामीण भयभीत हो गए.
यह क्षेत्र में जंगली जानवर द्वारा शिकार की चौथी से पांचवी घटना है, ग्रामीणों का दावा है कि इलाके में तेंदुआ घूम रहा हैए जिसकी सूचना पहले भी वन विभाग को दी जा चुकी है, ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है. उनके अनुसार विभाग की टीम ने अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया हैै, जबकि ग्रामीणों ने तेंदुआ देखने का दावा भी किया था. ग्रामीणों के अनुसार वन विभाग ने जल्द ही पिंजरा लगाकर जंगली जानवर को पकडऩे का आश्वासन दिया था, लेकिन इस दिशा में भी कोई कार्रवाई नहीं हुई और गुरुवार को एक और हिरण जंगली जानवर का शिकार बन गया. ग्रामीणों ने वन विभाग से जल्द से जल्द कार्रवाई कर जंगली जानवर को पकडऩे की मांग की है ताकि उनकी जान माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके, भारतीय जनता युवा मोर्चा के पूर्व उपाध्यक्ष हेमंत मेवाड़ा ने बताया कि सलसलाई क्षेत्र के किसानों ने उन्हें इस बारे में जानकारी दी थी. मेवाड़ा ने वन विभाग की टीम को सूचित किया और आरोप लगाया कि विभाग लापरवाही से काम कर रहा है, उन्होंने यह भी बताया कि क्षेत्र में लगातार जंगली जानवर द्वारा पशुओं और हिरणों का शिकार किया जा रहा है.
कई लोगों ने देखा तेंदुआ, विभाग नहीं कर रहा भरोसा
सलसलाई के जंगल में कई दिनों से तेंदुआ घूम रहा हैए जिसे कई ग्रामीणों ने देखा भी है, कुछ दिनों पहले ग्रामीणों ने एक वीडियो भी वायरल किया था जिसमें से तेंदुआ नदी में से निकलता दिखाई दिया था, तब भी विभाग ने आश्वासन देकर मामले से पल्ला झाड़ लिया. हर बार अधिकारी लकड़बग्घा या कुत्ते द्वारा हिरणों का शिकार करना बताया जा रहा है. जबकि ग्रामीणों का दावा है कि यहां तेंदुआ है जो कभी भी हमारे लिए मुसीबत खड़ी कर सकता है.
