नयी दिल्ली, 04 जून (वार्ता) कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा आर्थिक संकट को लेकर दी गयी चेतावनी के एक दिन बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने गुरुवार को तीखा पलटवार करते हुए विपक्ष के नेता पर अर्थव्यवस्था के संबंध में ‘दहशत’ फैलाने का आरोप लगाया।
श्री पूनावाला ने श्री गांधी की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “एलओपी का मतलब ‘लीडर ऑफ प्रोपेगैंडा’ (प्रचार का नेता) है, न कि ‘लीडर ऑफ अपोजिशन’ (विपक्ष का नेता)। वह अर्थव्यवस्था और लोकतांत्रिक संस्थाओं के बारे में उन दावों के ज़रिए दहशत फैलाने की कोशिश कर रहे थे, जो बेबुनियाद हैं।”
श्री पूनावाला ने आपातकाल जैसी स्थिति की संभावना पर श्री गांधी की टिप्पणियों का ज़िक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस का इतिहास खुद आपातकाल से जुड़ा रहा है और लोकतांत्रिक मूल्यों पर दूसरों को उपदेश देने की उनकी विश्वसनीयता बहुत कम है। उन्होंने दावा किया कि असली “संस्थागत पतन” कांग्रेस पार्टी के भीतर हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वंशवादी राजनीति और आंतरिक लोकतंत्र की कमी को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ रहा है।
उन्होंने सरकार के आर्थिक रिकॉर्ड का बचाव करते हुए कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक बना हुआ है और देश की आर्थिक बुनियाद मज़बूत बनी हुई है। श्री पूनावाला ने श्री गांधी पर भारतीय संस्थाओं को बार-बार निशाना बनाने और अपने राजनीतिक बयानों के ज़रिये देश की छवि खराब करने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया।
भाजपा नेता की ये टिप्पणियां श्री गांधी के उस वीडियो के एक दिन बाद आईं, जो सोशल मीडिया पर वायरल है। इस वीडियो में श्री गांधी ने बढ़ती कीमतों और आर्थिक दबावों का हवाला देते हुए कहा कि देश की ओर एक “आर्थिक सुनामी” बढ़ रही है। कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया था कि संस्थागत नियंत्रण और संतुलन कमज़ोर हो रहे हैं और दावा किया था कि व्यवस्था के विभिन्न हिस्सों के अधिकारी विपक्ष के साथ जानकारी साझा कर रहे हैं।
वीडियो में, गांधी ने आगे यह भी कहा कि आर्थिक मुद्दों पर बढ़ता जन दबाव और लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर चिंताएं व्यवस्था के कामकाज को प्रभावित कर रही हैं। उन्होंने यह भी दावा किया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शायद एक साल के भीतर अपने पद पर न रहें, और इसे अपना व्यक्तिगत आकलन बताया।
