
रीवा । पास्को एक्ट में सजा से दंडित आरोपी ने एमएससी की परीक्षा में शामिल होने के लिए हाईकोर्ट में आवेदन पेश किया था। हाईकोर्ट जस्टिस विवेक जैन तथा जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की युगलपीठ ने आवेदक को परीक्षा में शामिल होने के लिए 15 दिनों की अस्थाई जमानत प्रदान की है।
रीवा निवासी संजू कुशवाहा को जिला न्यायालय ने पास्को एक्ट के तहत सजा से दंडित किया था। सजा के खिलाफ आवेदक ने हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। अपील की सुनवाई के दौरान आवेदन पेश किया गया कि वह एमएससी केमिस्ट्री के चौथे सेमेस्टर का छात्र है। उसकी परीक्षा प्रारंभ होने वाली है। परीक्षा में शामिल होने के लिए उसे अस्थाई जमानत पर रिहा किया जाये। आवेदन की सुनवाई करते हुए युगलपीठ ने आवेदक को परीक्षा का एडमिट कार्ड पेश करने के निर्देश जारी किए थे।
आवेदक के द्वारा परीक्षा का एडमिट कार्ड पेश करने पर युगलपीठ ने उसे 15 दिनों की अस्थाई जमानत प्राप्त की है। युगलपीठ ने अपने आदेश में अपीलकर्ता को निर्देश दिये है कि निर्धारित समय अवधि के बाद न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण करे।
