
सीधी। पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी के नेतृत्व में आज पुलिस अधीक्षक कार्यालय सीधी में जिले की मासिक क्राइम मीटिंग आयोजित की गई। बैठक में जिले की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण एवं पुलिस कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा करते हुए आगामी कार्ययोजना निर्धारित की गई। बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक द्वारा जिले के अपराधों की त्रिवर्षीय तुलनात्मक समीक्षा की गई तथा गंभीर अपराधों के त्वरित निराकरण, महिला एवं बाल सुरक्षा, साइबर अपराधों की रोकथाम, मादक पदार्थों के विरुद्ध कार्रवाई, लंबित प्रकरणों के निष्पादन एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म के प्रभावी उपयोग पर विशेष जोर दिया गया। पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों को निर्देशित किया कि आमजन की सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की कार्यवाही परिणाममूलक एवं समयबद्ध होनी चाहिए।बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरविंद श्रीवास्तव, एसडीओपी चुरहट रवि प्रकाश कौल सहित जिले के समस्त थाना एवं चौकी प्रभारी तथा पुलिस अधीक्षक कार्यालय के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
बैठक में दिए गए प्रमुख निर्देश-
गुमशुदा एवं अपहृत बालक-बालिकाओं की शीघ्र तलाश कर सकुशल बरामदगी सुनिश्चित की जाए। गंभीर अपराधों की विवेचना निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कर प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया जाए। महिला संबंधी गंभीर अपराधों की विवेचना I टीएसएसओ पोर्टल के निर्धारित मानकों के अनुरूप की जाए। आईसीजेएस पोर्टल का नियमित एवं प्रभावी उपयोग कर विभिन्न विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए।
साइबर अपराधों पर तत्काल संज्ञान लेकर पीड़ितों को त्वरित राहत प्रदान की जाए।लंबित चालानों को न्यायालय में प्रस्तुत कर उनकी संख्या न्यूनतम स्तर पर लाई जाए। रात्रि गश्त को और अधिक प्रभावी बनाया जाए तथा संदिग्ध एवं असामाजिक तत्वों के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।आगामी त्यौहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ रखते हुए शांति, सौहार्द एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखी जाए। मादक पदार्थ, अवैध शराब, जुआ-सट्टा, चोरी, गृहभेदन एवं अन्य संगठित अपराधों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर कठोर कार्यवाही की जाए। मोटर व्हीकल एक्ट के उल्लंघनकर्ताओं के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही कर सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए। माइनर एक्ट एवं प्रिवेंटिव एक्शन के अंतर्गत अधिकाधिक प्रभावी कार्यवाही की जाए।
