नयी दिल्ली, 02 जून (वार्ता) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सलीम इस्माइल डोला और उसके सहयोगियों द्वारा कथित रूप से संचालित अंतरराष्ट्रीय संगठित नशीले पदार्थ तस्करी गिरोह के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) 2002 के तहत जारी जांच के सिलसिले में मुंबई, सूरत, अंकलेश्वर और राजकोट में 20 स्थानों पर व्यापक तलाशी अभियान चलाया। सलीम डोला को भारत सरकार ने गत माह तुर्की से प्रत्यर्पित कराया था। उसे दाऊद इब्राहिम का करीबी सहयोगी माना जाता है और उस पर अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क संचालित करने का आरोप है। तलाशी अभियान उन परिसरों में चलाया जा रहा है, जिनका संबंध प्रीकर्सर रसायनों के आपूर्तिकर्ताओं, रासायनिक कारोबार में संलिप्त बिचौलियों, सिंथेटिक मादक पदार्थ मेफेड्रोन (एमडी) के निर्माण एवं वितरण में शामिल तस्करों, हवाला कारोबारियों तथा संगठित मादक पदार्थ गिरोह से अर्जित अवैध आय से खरीदी गयी बेनामी संपत्तियों के धारकों से है।
पीएमएलए के तहत यह जांच मुंबई में सलीम डोला एवं अन्य आरोपियों के खिलाफ नशीले एवं मस्तिष्क पर असर डालने वाले पदार्थों की अवैध तस्करी से संबंधित विभिन्न प्राथमिकी के आधार पर शुरू की गई थी। अब तक की जांच में एक अत्यंत संगठित अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क की मौजूदगी का खुलासा हुआ है, जो संबंधित रसायनों की खरीद, गुप्त रूप से मेफेड्रोन (एमडी) के निर्माण, अंतरराज्यीय स्तर पर मादक पदार्थों के परिवहन एवं वितरण, अंतरराष्ट्रीय तस्करी, हवाला माध्यमों से अपराध से अर्जित धन के संग्रहण एवं परत-दर-परत लेनदेन (लेयरिंग) तथा सहयोगियों एवं अन्य व्यक्तियों के नाम पर चल एवं अचल संपत्तियों के अधिग्रहण में संलिप्त रहा है। तलाशी के दौरान जांच एजेंसियां पूरे आपराधिक तंत्र की पड़ताल कर रही हैं, जिसमें उत्पादन इकाइयां (रासायनिक कारखाने), वित्तीय सुविधा प्रदाता, लेखाकार एवं चार्टर्ड अकाउंटेंट, अवैध आय को वैध बनाने में संलिप्त हवाला कारोबारी तथा भारत एवं विदेशों में बेनामी संपत्तियों में अपराध से अर्जित धन का निवेश करने वाले कथित व्यक्ति शामिल हैं।

