जबलपुर: रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से वरिष्ठ अधिकारी उप कुलसचिव पवन साहू ने शर्मनाक अमर्यादित और अश्लील डिमांड कर दी। है। कर्मचारी का आरोप है कि रुकी हुई वेतन वृद्धि को बहाल करने के एवज में अधिकारी ने कहा, पत्नी को पास लाओ, संबंध बनाने में अच्छा लगेगा। पीड़ित ने इस मामले की लिखित शिकायत सिविल लाइन थाने, विश्वविद्यालय के कुलसचिव से करते हुए न्याय और परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाई है।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में विगत कई वर्षों से विश्वविद्यालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर कार्यरत हैं। किसी कारणवश विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा उनकी दो वेतन वृद्धि रोक दी गई हैं। पीड़ित का कहना है कि उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पारिवारिक भरण-पोषण को देखते हुए उनकी वेतन वृद्धि नहीं रोकी जा सकती।
इसी नियम के तहत वे अपनी रुकी हुई वेतन वृद्धि को बहाल कराने की गुहार लेकर विभाग के अधिकारी पवन साहू के पास पहुंचे थे। सौंपे गए शिकायत पत्र में पीड़ित कर्मचारी ने अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पत्र के अनुसार, जब रविंद्र तिवारी ने वेतन वृद्धि बहाली की बात की, तो अधिकारी पवन साहू ने मदद के बदले एक आपत्तिजनक और घिनौनी शर्त रख दी। शिकायत के मुताबिक, अधिकारी ने पीड़ित से कहा तुम्हारी वेतन वृद्धि बहाल करवा देंगे, परन्तु तुम अपनी पत्नी को मेरे पास लेकर आओ। क्योंकि तुम्हारी पत्नी वकील है और अच्छी दिखती है, उनसे हमको सम्बन्ध बनाने में अच्छा लगेगा।
मानसिक तनाव, सदमे में पीड़ित
पीड़ित कर्मचारी ने बताया कि इस अमर्यादित मांग को सुनकर वे गहरे सदमे में हैं। कुछ समय पहले ही एक सड़क दुर्घटना में उनके सिर पर गंभीर चोट आई थी, जिसका मानसिक और शारीरिक इलाज अब भी जारी है। इस नाजुक दौर में अधिकारी द्वारा किए गए इस बर्ताव ने उन्हें गहरे डिप्रेशनमें धकेल दिया है। पीड़ित ने कुलसचिव से भी अपने परिवार के सम्मान की रक्षा करने और दोषी अधिकारी के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
विश्वविद्यालय प्रशासन में हड़कंप
इस शिकायती पत्र के सामने आने के बाद विश्वविद्यालय के प्रशासनिक गलियारे में हड़कंप मच गया है। महिला अस्मिता और कर्मचारी उत्पीड़न से जुड़े इस मामले में अब हर किसी की नजरें पुलिस, कुलसचिव और विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं । वही उप कुलसचिव पवन साहू से जब इस संबंध बात करने संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने कॉल रिसीव करना जरूरी नहीं समझा।
