जबलपुर: माढ़ोताल थाना अंतर्गत चुंगी नाका स्थित एक शराब दुकान में रविवार शाम मचे बवाल के बाद काउंटर केस दर्ज कर लिया गया है। दरअसल अधिवक्ता और भाई को शराब दुकान में बंधक बनाकर जानलेवा हमला किए जाने पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया था तो वहीं दूसरे पक्ष ने भी रिपोर्ट दर्ज कर दी है। दूसरे पक्ष का आरोप है कि फ्री में शराब न देने पर बदमाशों ने न सिर्फ सेल्समैन और स्टाफ के साथ बेरहमी से मारपीट की, बल्कि दुकान के गल्ले से 5,000 नगद भी लूट लिए। वारदात के दौरान बदमाशों ने दुकान में रखी महंगी शराब की बोतलें तोड़कर भारी नुकसान पहुंचाया।
पुलिस के मुताबिक, महाराजपुर पटेल नगर, अधारताल निवासी 24 वर्षीय आकाश चौधरी चुंगी नाका वाइन शॉप में सेल्समैन है। रविवार शाम करीब 7 बजे जब वह काउंटर पर ड्यूटी कर रहा था, तभी अमित यादव और आकाश यादव वहां पहुंचे। दोनों आरोपियों ने रौब दिखाते हुए फ्री में शराब की मांग की। जब सेल्समैन आकाश ने नियमानुसार फ्री शराब देने से साफ मना कर दिया, तो आरोपी भड़क गए अमित और आकाश यादव अपने कुछ अन्य साथियों को लेकर जबरन दुकान के भीतर केबिन में घुस आए।
मुख्य आरोपी अमित यादव ने सेल्समैन का नाम पूछा। जैसे ही उसने अपना नाम बताया, आरोपियों ने उसे जातिसूचक शब्द कहते हुए अपमानित किया और लात-मुक्कों से हमला कर दिया। दुकान में मौजूद साथी कर्मचारी अमित कोरी जब बीच-बचाव करने आगे आया, तो बदमाशों ने उसे भी बेरहमी से पीटा, जिससे उसके हाथ और पीठ में गंभीर चोटें आईं। इसी दौरान उनका एक और साथी रामसुजान यादव भी वहां पहुंच गया। तीनों ने मिलकर काउंटर के गल्ले में रखी 5,000 की नकदी लूट ली और दुकान में रैक पर सजी शराब की बोतलें पटक-पटक कर तोड़ दीं।
शराब दुकान में मचे गदर और चीख-पुकार सुनकर जब अन्य कर्मचारी कमलचंद, अयोध्या गोस्वामी और राजा जायसवाल दौड़कर आए, तो आरोपी पकड़े जाने के डर से पीछे हटे। वहीं करमेता निवासी अधिवक्ता अमित यादव ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि थी कि रविवार शाम करीब 6:30 से 7 बजे के बीच उनका चचेरे भाई आकाश यादव चुंगी नाका स्थित शराब दुकान पर किंगफिशर बीयर खरीदने गया वहां मौजूद सेल्समैन प्रिंट रेट से अधिक पैसों की मांग कर रहे थे। जब आकाश ने इसका विरोध किया तो विवाद शुरू कर दिया वे मौके पर पहुंचा और बीच-बचाव की कोशिश की।
दुकान के कर्मचारी और उग्र हो गए। कर्मचारियों ने चिल्लाकर कहा कि दुकान मालिक पहरिया का साफ निर्देश है कि इन्हें अंदर ले जाकर तरीके से मारो, ये जिंदा बचकर नहीं जाने चाहिए, बाकी हम देख लेंगे। इसके बाद आधा दर्जन से अधिक कर्मचारी अमित और आकाश को घसीटते हुए दुकान के भीतर बने एक कमरे में ले गए और शटर व दरवाजा बंद कर दिया था। कमरे के अंदर दोनों भाइयों को घेरकर लाठी, डंडों और लोहे की भारी रॉड से बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया गया था।
