
जबलपुर। मध्यप्रदेश के राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर से सियासी माहौल गरमा गया है। अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के संदर्भ में की गई कथित अमर्यादित बयानबाजी को लेकर कांग्रेस में भारी आक्रोश है। इसी बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सदस्य विवेक कृष्ण तन्खा खुलकर जीतू पटवारी के समर्थन में उतर आए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री के इस आचरण को पूरी तरह से गरिमाहीन और अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए विरोध जताया है। वरिष्ठ राजनेता विवेक तन्खा ने जबलपुर में अपनी बात रखते हुए स्पष्ट किया कि सार्वजनिक जीवन और उच्च संवैधानिक पदों पर बैठे शीर्ष नेतृत्व को अपनी भाषा की मर्यादा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने ये भी कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में पक्ष और विपक्ष के बीच वैचारिक मतभेद होना स्वाभाविक है और यह लोकतंत्र की खूबसूरती
है, लेकिन संवाद का स्तर कभी नहीं गिरना चाहिए। विपक्ष के शीर्ष नेता के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग लोकतंत्र की स्वस्थ परंपराओं के बिल्कुल विपरीत है।
ये कहा था सीएम ने…
हाल ही में जो मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का वीडियो वायरल हो रहा है उसमें एक कार्यक्रम के दौरान मंच से सीएम डॉ. मोहन यादव ने हिा कि जब देश में संकट आए तो नेता प्रतिपक्ष भाग जाए, जब जब प्रदेश में विकास की बयार चले तो दो कौड़ी का प्रदेश अध्यक्ष हाय रे हाय करता फिरे, अरे शर्म आना चाहिए, आजादी के बाद कांग्रेस में ऐसा रद्दी प्रदेश अध्यक्ष नहीं देखा गया। मंच से सीएम ने ये भी कहा कि कांग्रेस को कोई मिलता ही नहीं है कांग्रेस को वो मिलता है जो 40 हजार वोट से हारा हुआ हो।
समाज और युवा पीढ़ी पर पड़ रहा गलत असर
राज्य सभा सांसद विवेक तन्खा ने प्रतिक्रिया देते हुए ये भी कहा कि देश और प्रदेश के जिम्मेदार नेताओं से जनता हमेशा अच्छे और आदर्श आचरण की उम्मीद करती है। जब सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोग ही अमर्यादित शब्दों का चयन करने लगेंगे, तो इसका समाज और हमारी युवा पीढ़ी पर बहुत ही गलत और नकारात्मक असर पड़ता है। सार्वजनिक मंचों से दिया गया हर एक बयान सीधे जनता तक पहुंचता है, इसलिए नेताओं को अपनी बात रखते समय शालीनता और गरिमा बनाए रखनी चाहिए। मुख्यमंत्री जैसे गरिमापूर्ण संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के मुख से इस तरह के अशोभनीय शब्द शोभा नहीं देते। इस पूरे घटनाक्रम के बाद कांग्रेस और मुख्य विपक्षी दल के नेताओं में मुख्यमंत्री के प्रति भारी नाराजगी और आक्रोश देखा जा रहा है।
