रोम, 09 जुलाई (वार्ता) इटली ने एक कथित जासूसी मामले में संदिग्धों की गिरफ्तारी के बाद रोम में रूसी दूतावास के दो फौजी अधिकारियों को देश से बाहर करने का फैसला किया है। इटली के विदेश मंत्री और उप-प्रधानमंत्री एंटोनियो तायानी ने गुरुवार को यह जानकारी दी। श्री तायानी ने सोशल मीडिया पर जारी एक पोस्ट में कहा कि सरकार ने रूसी दूतावास से दो सैन्य अताशे को निष्कासित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि इन राजनयिकों को तीन दिनों के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया गया है। यह कदम रूस के हितों में काम करने के आरोप में गत सात जून को दो इतालवी नागरिकों को गिरफ्तारी के बाद उठाया गया है।
इस मामले की जांच के दायरे में चार सेवारत सैन्य कर्मी शामिल हैं और इसका मुख्य संदिग्ध कथित तौर पर सेवानिवृत्त खुफिया अधिकारी हैं। इटली की अंसा समाचार एजेंसी ने मंगलवार को अपनी रिपोर्ट में बताया कि मुख्य संदिग्ध इटली की खुफिया सेवाओं का एक 59 वर्षीय पूर्व सदस्य और एक पूर्व गैर-कमीशन अधिकारी है। अभियोजकों का आरोप है कि उसने एक संदिग्ध रूसी खुफिया एजेंट की ओर से संवेदनशील जानकारी एकत्र की थी, जिसे इटली में राजनयिक छूट प्राप्त है। जांचकर्ताओं ने कहा कि संदिग्ध ने चार सक्रिय सैन्य कर्मियों सहित छह स्रोतों से जानकारी प्राप्त की थी, और ये सभी वर्तमान में जांच के दायरे में हैं।
इस कार्रवाई के बाद दोनों देशों के बीच राजनयिक तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि संवेदनशील सैन्य प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को लेकर इटली का प्रशासन बेहद सतर्क रुख अपना रहा है।
दोनों देशों के बीच हाल के वर्षों में हुए इस बड़े राजनयिक घटनाक्रम से हड़कंप मच गया है। रक्षा मामलों के जानकारों का मानना है कि इस तरह के मामलों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रणनीतिक साझेदारी और आपसी विश्वास पर गहरा असर पड़ता है। इटली के गृह मंत्रालय ने सुरक्षा उपायों को और कड़ा करने के निर्देश जारी किए हैं ताकि भविष्य में इस प्रकार की संवेदनशील जानकारियों के रिसाव को पूरी तरह से रोका जा सके।

