भारतीय शेयर बाजार में उथल-पुथल के बीच सोमवार को रौनक लौटी। सेंसेक्स 427 अंकों की बढ़त के साथ खुला, जबकि निफ्टी में भी 106 अंकों की जोरदार तेजी देखी गई।
भारतीय शेयर बाजार में पिछले कई दिनों से उथल-पुथल जारी है। सोमवार को बाजार में तेजी के साथ खुले। दोनों प्रमुख सूचकांक अपने पिछले बंद से ऊपर स्तर पर खुले। बीएसई सेंसेक्स जहां 427 अंकों के बढ़त के साथ 75,203.02 पर खुला। जबकि एनएसई निफ्टी में भी जबरदस्त उछाल देखने को मिला। निफ्टी सुबह 106.75 अंकों की तेजी के साथ 23,654.50 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया।
व्यापक बाजारों में, निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स क्रमशः 0.52 प्रतिशत और 0.68 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। इसके अलावा निफ्टी आईटी और निफ्टी मीडिया में तेजी आई, जबकि निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी ऑटो और निफ्टी हेल्थकेयर का प्रदर्शन कमजोर रहा। निफ्टी50 पैक में इंटरग्लोब एविएशन, एशियन पेंट्स, इंफोसिस, टेक महिंद्रा, टीसीएस, एचसीएल टेक और विप्रो के शेयरों में सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज की गई।
कच्चे तेल की कीतमों में उछाल
पिछले कुछ हफ्तों से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखी जा रही थी, लेकिन सोमवार को इसमें थोड़ी तेजी आई। सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी कच्चे तेल (WTI) की कीमत 2.37 डॉलर या 2.71 प्रतिशत बढ़कर 89.73 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई। वहीं, ब्रेंट क्रूड की कीमत 2.16 डॉलर या 2.37 प्रतिशत बढ़कर 93.28 डॉलर प्रति बैरल हो गई। बाजार अमेरिका-ईरान वार्ता के अंतिम नतीजों को लेकर सतर्क है। निवेशकों को आशंका है कि अगर बातचीत में कोई बाधा आती है तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार मार्गों पर असर पड़ सकता है।
घरेलू निवेश का भारतीय बाजार को फायदा
विशेषज्ञों के मुताबिक, बाजार की नजर विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की गतिविधियों पर भी बनी रहेगी। हाल के कारोबारी सत्रों में विदेशी निवेशक लगातार बिकवाली कर रहे हैं, जो उभरते शेयर बाजार को लेकर उनकी सतर्कता को दर्शाता है। विदेशी पूंजी का लगातार बाहर जाना भारतीय बाजारों की तेजी पर लगाम लगाने का प्रमुक कारण बना हुआ है। हालांकि घरेलू निवेशकों की मजबूत भागीदारी बाजार को सहारा दे रही है, फिर भी विदेशी निवेश प्रवाह में सुधार के बिना बड़ी तेजी की संभावना सीमित दिखाई देती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि, तकनीकी रूप से निफ्टी 50 अभी भी दबाव में दिखाई दे रहा है। ऊपरी स्तरों पर लगातार बिकवाली और मजबूत खरीदारी की कमी बाजार को सीमित दायरे में रख रही है। फिलहाल 23,750 से 23,800 का स्तर निफ्टी के लिए तत्काल प्रतिरोध (रेजिस्टेंस) बना हुआ है। इसके ऊपर 24,000 से 24,100 का दायरा एक महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस के रूप में देखा जा रहा है।
बाजार में नई तेजी की उम्मीद
यदि निफ्टी इन स्तरों के ऊपर मजबूती से टिकने में सफल रहता है, तो बाजार में नई तेजी देखने को मिल सकती है और इंडेक्स 24,200 से 24,400 तक का स्तर छू सकता है। दूसरी ओर, 23,500 के स्तर पर निकटतम सपोर्ट बना हुआ है, जबकि 23,300 से 23,000 का स्तर मजबूत आधार प्रदान कर रहा है। यदि निफ्टी इन सपोर्ट स्तरों के नीचे फिसलता है, तो बाजार में और दबाव बढ़ सकता है।
