जबलपुर: विक्टोरिया अस्पताल परिसर में उस समय अचानक अफरा-तफरी मच गई, जब पुलिस अभिरक्षा से हथकड़ी समेत एक आरोपी के भागने की अफवाह फैल गई। मामले को लेकर पुलिस ने स्पष्ट किया कि हिरासत से कोई भी आरोपी नहीं भागा है और पकड़े गए तीनों वारंटियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
जानकारी के अनुसार लार्डगंज पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे तीन वारंटियों अनिल सोनी, बिन्नू झारिया और शुभम मिश्रा को गिरफ्तार किया था।
नियमानुसार, न्यायालय में पेश करने से पहले पुलिस टीम तीनों को मेडिकल जांच के लिए विक्टोरिया अस्पताल लेकर पहुंची थी। इसी दौरान अस्पताल परिसर में किसी अन्य बात को लेकर विवाद हुआ और एक अज्ञात व्यक्ति वहां से भागा, जिसे देख लोगों ने पकड़ो-पकड़ो का शोर मचा दिया। अस्पताल में अचानक मचे हंगामे और शोर को सुनकर वहां मौजूद पुलिसकर्मी भी स्थिति को संभालने के लिए उस व्यक्ति की तरफ दौड़ पड़े।
पुलिस को इस तरह अचानक दौड़ते देख अस्पताल में मौजूद मरीजों के परिजनों व अन्य के बीच यह गलतफहमी बन गई कि पुलिस की गिरफ्त से ही कोई आरोपी हथकड़ी लेकर भाग निकला है। देखते ही देखते यह अफवाह आग की तरह फैल गई। मामले को लेकर लार्डगंज थाना प्रभारी नवल सिंह ने स्पष्ट किया है। कि पुलिस टीम वारंटियों को लेकर अस्पताल पहुंची थी। उसी समय वहां किसी अन्य कारण या आपसी झगड़े की वजह से कोई व्यक्ति भागा था। उसे पकडऩे के लिए पुलिस भी दौड़ी, जिसके बाद यह अफवाह फैल गई कि आरोपी कस्टडी से भागा है जबकि आरोपी नहीं भागा । पुलिस ने अस्पताल में चेकअप की प्रक्रिया पूरी होने के बाद तीनों आरोपियों को बिना किसी देरी के कोर्ट में पेश किया, जहां से न्यायालय के आदेश पर उन्हें जेल भेज दिया गया है।
