
सीहोर। नवतपा के दौरान भीषण गर्मी से परेशान शहरवासियों को शनिवार देर रात मौसम ने बड़ी राहत दी. तेज धूलभरी आंधी और बादलों की जुगलबंदी ने नवतपा के प्रभाव को काफी हद तक कमजोर कर दिया. अचानक बदले मौसम के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को उमस व गर्म हवाओं से अस्थायी राहत मिली. हालांकि आंधी और बारिश के चलते विद्युत आपूर्ति बाधित रही तथा शहर के कई हिस्सों में देर रात तक ब्लैकआउट की स्थिति बनी रही. लोगों ने बिजली के आने के इंतजार में रात बिताई.
शनिवार देर रात मौसम ने अचानक करवट ली. पहले तेज रफ्तार से चली धूलभरी आंधी ने पूरे शहर को अपनी चपेट में ले लिया. आंधी इतनी तेज थी कि लोगों को घरों की खिड़कियां और दरवाजे बंद करने पड़े. सड़कों पर उड़ती धूल के कारण कुछ समय के लिए दृश्यता भी प्रभावित हुई. कई स्थानों पर पेड़ों की शाखाएं टूटकर सड़क पर गिर गईं, वहीं कच्चे मकानों और दुकानों की खपरैल तथा टीन की चादरें भी उडऩे की घटनाएं सामने आईं.
आंधी के कुछ देर बाद बादलों ने भी अपना असर दिखाया और शहर सहित आसपास के क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश शुरू हो गई. बारिश होने से वातावरण में ठंडक घुल गई और लगातार कई दिनों से पड़ रही झुलसाने वाली गर्मी से लोगों को राहत महसूस हुई. देर रात तक मौसम सुहावना बना रहा, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली. पिछले कुछ दिनों से नवतपा के कारण तापमान लगातार ऊंचे स्तर पर बना हुआ था और दोपहर के समय सड़कें लगभग सूनी नजर आने लगी थीं.
मौसम के इस बदलाव का असर बिजली व्यवस्था पर भी पड़ा. आंधी और बारिश के दौरान कई क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई, जिससे शहर के अनेक हिस्सों में अंधेरा छा गया. लोगों को रातभर बिजली कटौती का सामना करना पड़ा. बिजली गुल होने के कारण गर्मी से राहत मिलने के बावजूद कई परिवारों को असुविधा झेलनी पड़ी. विद्युत विभाग के कर्मचारियों ने रात में विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर आपूर्ति बहाल करने के प्रयास शुरू कर दिए थे. लेकिन कई क्षेत्रों में सुबह तक बिजली के दर्शन नहीं हो सके थे. रविवार सुबह जब लोग घरों से बाहर निकले तो कई स्थानों पर आंधी के निशान दिखाई दिए. कहीं पेड़ धराशायी पड़े थे तो कहीं मकानों की खपरैल और टीन की चादरें बिखरी हुई थीं। हालांकि किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली। नगर के कई इलाकों में लोगों ने स्वयं भी गिरे हुए पेड़ों और टहनियों को हटाने का प्रयास किया।
उधर, रविवार को सुबह से मौसम साफ होने लगा और दोपहर तक तेज धूप निकल आइ. बादलों के छंटते ही गर्मी ने एक बार फिर अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए. दिन का अधिकतम तापमान 41 व न्यूनतम 22.5 दर्ज किया गया. चिलचिलाती धूप और उमस के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा. रात को चली आंधी- तूफान का असर शहर की जलप्रदाय व्यवस्था पर भी पड़ा. जिन क्षेत्रों में रविवार को जलप्रदाय किया जाना था वहां नलों से एक बूंद भी नहीं टपकी. जिम्मेदारों की मानें तो रात को बिजली नहीं होने की वजह से टंकियों में पानी नहीं भरा सका था. मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिमी विक्षोभ और मौसमी गतिविधियों के कारण आगामी दिनों में मौसम में उतार-चढ़ाव की स्थिति रह सकती है.
बुधनी में भी आंधी- तूफान और बारिश
बुधनी. बीती रात तेज आंधी-तूफान और बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया. शनिवार रात लगभग 12.30 बजे से तड़के 3 बजे तक तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर चला. इस दौरान कई स्थानों पर बड़े-बड़े पेड़ गिर गए. नगर व ग्रामीण क्षेत्रों की विद्युत आपूति ठप हो गई. चक्रवाती हवाओं से विद्युत लाइनों में आए फॉल्ट के चलते क्षेत्र में पूरी रात बिजली नहीं रही. भीषण उमस और गर्मी के बीच लोगों को रतजगा करना पड़ा. तेज आंधी के कारण कई स्थानों पर सड़कों एवं दुकानों के सामने लगे होर्डिंग धराशाई हो गए. इस दौरान कई दुकानों के होर्डिंग बोर्ड और विज्ञापन फ्लेक्स भी उड़कर सड़कों पर बिखर गए थे.
