कोलकाता, 30 मई (वार्ता) पश्चिम बंगाल में अपराध जांच विभाग (सीआईडी) की टीम ने तृणमूल कांग्रेस महासचिव अभिषेक बनर्जी को नोटिस भेजकर राज्य विधानसभा में जमा किए गए एक पत्र पर फर्जी हस्ताक्षर की चल रही जांच के सिलसिले में सोमवार को पूछताछ के लिए पेश होने को कहा है।
सीआईडी की चार सदस्यीय टीम सबसे पहले दोपहर के करीब हरीश मुखर्जी रोड स्थित श्री बनर्जी के आवास ‘शांतिनिकेतन’ पहुंची। उस समय हालांकि सांसद वहां मौजूद नहीं पाए गए। इसके बाद अधिकारी उनके कालीघाट स्थित आवास पर गए और उन्होंने उन्हें नोटिस सौंपा।
श्री बनर्जी ने बाद में संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने अभी तक नोटिस नहीं पढ़ी है और आगे कोई भी कदम उठाने से पहले वह अपनी कानूनी टीम से सलाह लेंगे। उन्होंने कहा, “मुझे एक नोटिस मिला है। मैंने इसे अभी तक नहीं पढ़ा है। मैं इस मामले पर अपने वकील से चर्चा करूंगा। अगर मुझे जांच में किसी भी तरह के सहयोग के लिए बुलाया जाता है, तो मैं पेश होऊंगा।”
श्री बनर्जी को इस मामले में पूछताछ के लिए सोमवार को भवानी भवन में सीआईडी अधिकारियों के सामने पेश होने को कहा गया है। यह जांच टीएमसी विधायक दल द्वारा विधानसभा सचिवालय को सौंपे गए एक पत्र पर दिखाई देने वाले हस्ताक्षरों में अनियमितताओं के आरोपों से संबंधित है। यह पत्र वरिष्ठ पार्टी नेता शोभनदेव चट्टोपाध्याय को विपक्ष का नेता बनाने के प्रस्ताव के समर्थन में सौंपा गया था।
गौरतलब है कि 6 मई को सौंपे गए इस प्रस्ताव पर 70 विधायकों के हस्ताक्षर थे और इस पर श्री बनर्जी ने बतौर पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव हस्ताक्षर किए थे। विधानसभा के अधिकारियों को जांच-पड़ताल के दौरान कुछ हस्ताक्षरों में विसंगतियां मिलने के बाद सवाल उठने लगे। कुछ ऐसे विधायकों के नाम शामिल किए जाने पर भी चिंता जताई गई, जो उस दिन विधानसभा में मौजूद नहीं थे, जिस दिन यह दस्तावेज जमा किया गया था।
विधानसभा के प्रधान सचिव द्वारा हरे स्ट्रीट थाना में शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद जांच के लिए यह मामला सीआईडी को सौंप दिया गया। सीआईडी अधिकारियों ने जांच के तहत पहले ही कई टीएमसी विधायकों नयना बंद्योपाध्याय, कुणाल घोष, बहारुल इस्लाम और तापस माइती के आवासों का दौरा कर उनके हस्ताक्षरों की प्रामाणिकता की पुष्टि की है।
सीआईडी की टीम ने शनिवार शाम को सुकिया स्ट्रीट स्थित कुणाल घोष के आवास का दौरा किया। इस घटनाक्रम पर टिप्पणी करते हुए विधायक ने कहा कि वह जांचकर्ताओं के साथ पूरा सहयोग करेंगे और उनके सामने रखे गए सभी सवालों के जवाब देंगे। सीआईडी का श्री बनर्जी के घर जाना और बेलीघाटा में उनका पहले से तय कार्यक्रम संयोग से दोनों एक ही समय पर हुए। बेलीघाटा में उन्होंने टीएमसी के एक कार्यकर्ता के परिवार से मुलाकात की, जो चुनाव के बाद हुई हिंसा से प्रभावित हुआ था।
श्री बनर्जी का जांच से जुड़े सवालों के जवाब में रवैया काफी अड़ियल था। उन्होंने जोर देकर कहा कि वह किसी भी एजेंसी से डरने वाले नहीं हैं और उन्होंने पूछताछ का सामना करने की अपनी इच्छा दोहराई।
श्री बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोलते हुए और राजनीतिक बदले की भावना का आरोप लगाते हुए कहा, “चाहे वे सीआईडी, केएमसी या ईडी का इस्तेमाल करें या मेरा घर ही क्यों न गिरा दें, मैं हार नहीं मानूंगा। मैं ऐसा इंसान नहीं हूं जिसे डराया-धमकाया जा सके। दिल्ली के सामने झुकने से तो बेहतर है कि मैं मर जाऊं।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब वह ‘शांतिनिकेतन’ में नहीं रहते हैं और कहा कि जो अधिकारी उनसे संपर्क करना चाहते हैं, उन्हें उनके कालीघाट स्थित घर पर आना चाहिए।
श्री बनर्जी ने कोलकाता नगर निगम (केएससी) द्वारा जारी किए गए एक अलग नोटिस का जिक्र करते हुए कहा कि वह उसे अदालत में चुनौती देंगे।
