नई दिल्ली | कर्नाटक में सत्ता के सफल हस्तांतरण के बाद आज शनिवार को कांग्रेस विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में प्रदेश अध्यक्ष और भावी मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार को औपचारिक रूप से विधायक दल का नया नेता चुना जाएगा। राज्य के राजनीतिक परिदृश्य में यह बदलाव एक ऐसे निर्णायक समय पर हो रहा है, जब कांग्रेस पार्टी 2028 के आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी के लिए अपनी सरकार और संगठन को नए सिरे से पुनर्गठित करने की योजना बना रही है।
कांग्रेस हाईकमान के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती वरिष्ठ नेताओं—सिद्धारमैया, डी.के. शिवकुमार और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बीच एक प्रभावी तालमेल और संतुलन बनाए रखना है। कर्नाटक के इन तीनों दिग्गज नेताओं का अपना-अपना प्रभाव क्षेत्र है। मुख्यमंत्री पद की बागडोर डी.के. शिवकुमार के पास आने के बाद, अब कैबिनेट में युवा चेहरों को शामिल करने, डिप्टी सीएम की नियुक्ति और जातिगत समीकरणों को साधने का कार्य हाईकमान के लिए किसी बड़ी परीक्षा से कम नहीं है।
नई सरकार के सामने काम करने के लिए महज दो साल का समय शेष है, जिसे देखते हुए मुख्यमंत्री को अपनी टीम चुनने में विशेष सावधानी बरतनी होगी। डिप्टी सीएम के पदों के लिए जी. परमेश्वर, एमबी पाटिल और प्रियांक खरगे जैसे कई दावेदार कतार में हैं। कैबिनेट विस्तार के साथ-साथ पार्टी अब विधान परिषद और राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के चयन पर भी विचार कर रही है, ताकि 2028 की चुनावी नींव को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।

