
नयी दिल्ली, 10 मई (वार्ता) आम आदमी पार्टी(आप) के नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने शनिवार को कहा कि भारत ने जिस तरह से आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया है,उससे पाकिस्तान को कड़ा और स्पष्ट संदेश दिया है कि वह अपनी आतंकवादी गतिविधियों और कायराना हरकतों को तुरंत बंद करे, वरना उसे इतिहास के सबसे कठोर परिणाम भुगतने होंगे।
श्री चड्ढा ने आज एक बयान में भारतीय सेना के अदम्य साहस को सलाम करते हुए देशवासियों को एकजुटता का संदेश दिया। उन्होंने कहा, “हम पहले छेड़ते नहीं, लेकिन बाद में छोड़ते भी नहीं। भारत बुद्ध की धरती है, लेकिन अर्जुन और भीम जैसे वीर योद्धाओं की भी कर्मभूमि है।”
उन्होंने पाकिस्तान की लगातार आतंकवादी गतिविधियों और सीमा पर कायराना हमलों की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा, “ये सच्चाई है कि आप दोस्त बदल सकते हैं, मगर पड़ोसी नहीं! और अगर पड़ोसी पाकिस्तान जैसा हो, तो उसे ठीक करने के लिए कठोर दंड देना हमारा पहला कर्तव्य है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत आज न केवल पाकिस्तान, बल्कि क्रूरता, बर्बरता और आतंकी मानसिकता के खिलाफ जंग लड़ रहा है।
‘आप’ नेता ने कहा, “हमारी सेना जिस अद्भुत शौर्य से लड़ रही है, उससे साफ है कि इस बार आतंकवाद का खात्मा होकर रहेगा। हमें अपने सैनिकों की सलामती की दुआ करना है और उनके परिवारों के साथ चट्टान की तरह खड़ा होना है।”
उन्होंने कहा, “पहलगाम हमला मानवता पर कलंक था। हमने भी अपने मां-बहनों के सिंदूर का बदला ऑपरेशन सिंदूर की पहली किश्त से लिया, जिसमें हमारी सेना ने आतंकवादियों को उनके अड्डों में घुसकर सबक सिखाया।”
उन्होंने कहा,“आतंकवादियों और उनकी नफरत भरी मानसिकता को हमारी सेना पूरे दम-खम के साथ नेस्तनाबूद करने में जुटी है। हमें बस एकजुट रहना है, हर मुसीबत में देश की कमजोरी नहीं, बल्कि ताकत बनना है। आतंकवाद के खिलाफ यह लड़ाई हमारी एकता और संकल्प से और मजबूत होगी।”
श्री चड्ढा ने पाकिस्तान को उसका इतिहास याद दिलाते हुए कहा, “पाकिस्तान की स्मृति कमजोर है, इसलिए समय-समय पर उसे याद दिलाना पड़ता है।” उन्होंने 1971 के युद्ध का जिक्र किया, जब भारत ने पाकिस्तान के 90,000 सैनिकों को घुटनों पर लाकर बंगलादेश का निर्माण किया। उन्होंने 1984 के सियाचिन ऑपरेशन और 1999 के कारगिल युद्ध का भी उल्लेख किया, जब भारत ने पाकिस्तान के नापाक इरादों को धूल में मिला दिया।
उन्होंने देशवासियों से एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा, “हमारा धर्म, हमारी जाति, हमारी राजनीति या हमारा नेता चाहे कोई भी हो, सबसे पहले हम हिंदुस्तानी हैं। अगर कोई हमारी मातृभूमि की ओर आंख उठाएगा, तो हम सब मिलकर जवाब देंगे।”
