चाय बागान श्रमिकों के कल्याण के लिए लागू करेंगे विशेष केंद्रीय पैकेज-शुभेंदु अधिकारी

कोलकाता, (वार्ता) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र सरकार से प्राप्त धनराशि का उपयोग उत्तर बंगाल और दार्जिलिंग पर्वतीय क्षेत्र में चाय उद्योग के पुनरुद्धार तथा चाय बागान श्रमिकों की स्थिति में सुधार के लिए किया जाएगा।

श्री अधिकारी ने नवान्न में उत्तर बंगाल और दार्जिलिंग पर्वतीय क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर आयोजित उच्चस्तरीय प्रशासनिक समन्वय बैठक के बाद कहा कि राज्य की पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार की उदासीनता के कारण चाय उद्योग लगातार कमजोर हुआ और श्रमिकों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा।

उन्होंने कहा, “पश्चिम बंगाल में लगभग 25 चाय बागान बंद हो चुके हैं और हजारों श्रमिक रोजगार से वंचित हो गए हैं।”

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि वर्ष 2021 में केंद्र सरकार द्वारा पश्चिम बंगाल और असम के चाय बागान श्रमिकों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए घोषित एक हजार करोड़ रुपये के विशेष पैकेज का पूर्ववर्ती राज्य सरकार लाभ नहीं उठा सकी। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री ने 2021 के बजट में चाय बागान श्रमिकों के लिए एक हजार करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की घोषणा की थी। तत्कालीन राज्य सरकार ने इसके लिए आवश्यक समिति तक का गठन नहीं किया, जिससे बंगाल को नुकसान हुआ।”

श्री अधिकारी ने असम का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां की सरकार ने केंद्र की सहायता का प्रभावी उपयोग किया और चाय बागान श्रमिकों के कल्याण के लिए लगभग 370 करोड़ रुपये प्राप्त किये। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकार ने चाय बागान श्रमिकों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया क्योंकि वे तृणमूल कांग्रेस के परंपरागत मतदाता नहीं थे।

मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि भारतीय चाय बोर्ड के उपाध्यक्ष सी. मुरुगन को असम भेजा जाएगा ताकि वहां चाय श्रमिकों के लिए लागू कल्याणकारी योजनाओं का अध्ययन किया जा सके। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों के 10 से 12 बंद चाय बागानों को केंद्र सरकार की उस योजना के तहत शामिल किए जाने की संभावना का परीक्षण किया जाएगा, जिसका उद्देश्य चाय बागान श्रमिकों को सहायता प्रदान करना है।

श्री अधिकारी ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में इस योजना के तहत राज्य को लगभग 300 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार के हस्तक्षेप से कई बंद चाय बागानों को पुनर्जीवित करने तथा प्रभावित श्रमिकों और उनके परिवारों को राहत पहुंचाने में मदद मिलेगी।

 

Next Post

गांजा तस्कर की जमानत निरस्त

Sat May 30 , 2026
जबलपुर: एनडीपीएस के विशेष न्यायाधीश प्रवेन्द्र सिंह की अदालत ने गांजा तस्करी के आरोपी छोटी ओमती निवासी पवन उर्फ अमित सोनकर की जमानत निरस्त कर दी है। अपर लोक अभियोजक अरविंद जैन ने बताया कि बरगी पुलिस ने 12 जून 2025 को आरोपी की कार से 63 किलो गांजा जब्त […]

You May Like