अमेरिका ने ईरानी एयरलाइनों पर प्रतिबंध लगाए

वाशिंगटन, 28 मई (वार्ता) अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने गुरुवार को कहा कि अमेरिका ईरान के खिलाफ अपने ‘इकोनॉमिक फ्यूरी’ अभियान के तहत ईरानी एयरलाइंस की हवाई अड्डों तक पहुंच, ईंधन भरने की सेवाओं और टिकटों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के लिए कदम उठा रहा है।

अमेरिका ने गुरुवार को ईरान के तथाकथित फारस की खाड़ी जलडमरूमध्य प्राधिकरण (पीजीएसए) पर प्रतिबंध लगा दिए और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) पर होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों से वसूली करने के लिए इस संस्था का उपयोग करने का आरोप लगाया।

अमेरिकी वित्त विभाग के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (ओएफएसी) ने कहा कि नया स्थापित प्राधिकरण इस जलमार्ग से सुरक्षित गुजरने के बदले जहाजों से अवैध शुल्क वसूलने की ईरानी योजना का हिस्सा था।

अमेरिकी वित्त मंत्री ने कहा कि यह कदम अमेरिका के ‘इकोनॉमिक फ्यूरी’ अभियान का हिस्सा है जिसका उद्देश्य ईरान पर वित्तीय दबाव बढ़ाना है।

श्री बेसेंट ने कहा, “वैश्विक समुद्री व्यापार से जबरन वसूली करने का ईरानी सेना का यह नवीनतम प्रयास इस बात का सबूत है कि इकोनॉमिक फ्यूरी ने इस शासन को नकदी के लिए हताश कर दिया है।” उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान के तेल निर्यात, शिपिंग नेटवर्क, बिचौलियों और देश के ऊर्जा व्यापार से जुड़े खरीदारों को निशाना बनाना जारी रखेगा।

अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि टोल प्रणाली से होने वाली कमाई से अंततः आईआरजीसी को फायदा हुआ, जिसे अमेरिका ने एक विदेशी आतंकवादी संगठन के रूप में नामित किया है।

ये प्रतिबंध अमेरिकी आतंकवाद विरोधी प्राधिकरण के कार्यकारी आदेश के तहत लगाए गए थे। इसके परिणामस्वरूप, अमेरिका में पीजीएसए से जुड़े या अमेरिकी व्यक्तियों द्वारा नियंत्रित सभी संपत्ति फ्रीज कर दिए गए हैं।

वित्त मंत्रालय ने यह भी चेतावनी दी कि ईरानी वाणिज्य और यातायात को सुविधाजनक बनाने वाली विदेशी कंपनियों, शिपिंग फर्म, एयरलाइंस और वित्तीय संस्थानों भी द्वितीयक प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है।

यह कार्रवाई ईरान के खिलाफ ट्रंप प्रशासन के व्यापक ‘अधिकतम दबाव’ अभियान का हिस्सा है, जिसमें ईरान के तेल निर्यात, क्रिप्टोकरेंसी होल्डिंग्स, शैडो बैंकिंग नेटवर्क और समुद्री व्यापार संचालन को निशाना बनाने वाले उपाय शामिल हैं।

अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि प्रतिबंध अभियान का उद्देश्य ईरान की अपने हथियार कार्यक्रमों, क्षेत्रीय प्रॉक्सी समूहों और परमाणु महत्वाकांक्षाओं को वित्तपोषित करने की क्षमता पर अंकुश लगाना है।

श्री बेसेंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, “अमेरिकी वित्त मंत्रालय ईरानी शासन के खिलाफ हमारा इकोनॉमिक फ्यूरी अभियान जारी रखे हुए है।” उन्होंने कहा कि अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी ने ईरानी कच्चे तेल की खेप को रिकॉर्ड निचले स्तर पर ला दिया है।

अमेरिका और इजराइल द्वारा 28 फरवरी को ईरानी ठिकानों पर किए गए हमलों के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ गया था। इसके बाद सात अप्रैल को दो सप्ताह के संघर्षविराम की घोषणा की गई थी, लेकिन इस्लामाबाद में आगामी वार्ता कोई बड़ी सफलता हासिल करने में विफल रही।

अमेरिका ने बाद में ईरानी बंदरगाहों और जलक्षेत्र की नाकेबंदी शुरू कर दी, जो अभी भी प्रभावी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बाद में ईरान को शांति प्रस्ताव पेश करने के लिए अतिरिक्त समय देने के उद्देश्य से संघर्ष विराम की अवधि बढ़ा दी थी।

गौरतलब है कि अप्रैल में, अमेरिकी वित्त मंत्री ने पश्चिम एशिया में नाकेबंदी के बीच ईरान के वैकल्पिक राजस्व चैनलों को बाधित करने के उद्देश्य से ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक फ्यूरी’ शुरू किया था।

 

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