
सीधी । प्रधानमंत्री एक्सीलेंस कालेज ऑफ संजय गांधी शासकीय महाविद्यालय सीधी में 1.49 करोड़ रुपए की लागत से बना अटल ऑडिटोरियम तीन साल में ही जर्जर हो गया है। देखरेख के अभाव में छज्जा भी गिर चुका है और यह ऑडिटोरियम अब उपयोग के लायक नहीं बचा है। ऑडिटोरियम का छज्जा टूटकर गिर चुका है और फॉल सीलिंग भी धराशायी हो गई है। पूरी इमारत खंडहर जैसी दिख रही है जिससे किसी भी समय बड़े हादसे का खतरा बना हुआ है।
इस ऑडिटोरियम को तीन साल पहले संजय गांधी महाविद्यालय प्रशासन को दिया गया था। हैंडओवर के कुछ ही समय बाद इसकी स्थिति बिगडऩे लगी। छज्जा गिरने जैसी घटनाओं के बावजूद ठेकेदार पर कोई कार्रवाई नहीं हुई और न ही जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की गई। दूसरी ओर ठेकेदार पक्ष से जुड़े ब्रिज बिहारी लाल शर्मा ने दावा किया कि इस भवन का निर्माण उनके बेटे की ओर से किया गया था और अब भी इसका कुछ भुगतान रुका हुआ है। उन्होंने कहा कि यह राशि एनसीएल द्वारा स्वीकृत थी लेकिन अभी तक भुगतान नहीं हुआ है। गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवालों पर उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
उधर तत्संबंध में चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री ऑफ एक्सीलेंस कॉलेज के कुछ छात्रों का कहना था कि ऑडिटोरियम की जर्जर हालत के लिए पूर्व का कॉलेज प्रबंधन भी जिम्मेदार है। इतनी बड़ी राशि खर्च करके ऑडिटोरियम का निर्माण इसलिए कराया गया था कि यहां सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ ही समय-समय पर अन्य आयोजन करने में सुविधा मिले। किन्तु जब से ऑडिटोरियम कॉलेज प्रबंधन को हैंडओव्हर हुआ, उसी दौरान से देख-रेख के लिए किसी भी कर्मचारी को जिम्मेदारी नहीं दी गई। लिहाजा तीन साल में ऑडिटोरियम पूरी तरह से उपेक्षित पड़ा हुआ है। यहां तक कि कार्यक्रम न होने पर यहां झाडू एवं साफ-सफाई कराने की जरूरत भी नहीं समझी जाती रही।
जनप्रतिनिधियों से बजट के मदद की दरकार
प्रधानमंत्री एक्सीलेंस कॉलेज ऑफ संजय गांधी शासकीय महाविद्यालय सीधी के अटल आडिटोरियम की जर्जर हालत के बाद भी बजट के अभाव में सुधार का कार्य लम्बे समय से नहीं हो पा रहा है। आडिटोरियम के टूट छज्जे एवं धरासायी हुई फॉल सीलिंग की मरम्मत के लिये कॉलेज प्रबंधन बजट का इंतजार कर रहा है। ऐसे में जनप्रतिनिधियों से बजट के मदद की दरकार है, जिससे आडिटोरियम के मरम्मत का कार्य जल्द से जल्द पूर्ण हो सके और वह फिर से उपयोग के लायक बन सके।
एनएसयूआई ने दी आंदोलन की चेतावनी
छात्र संगठन एनएसयूआई ने ऑडिटोरियम की दुर्दशा के मामले में आवाज उठाते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। एनएसयूआई के प्रदेश सचिव विक्रांत सिंह ने महाविद्यालय के प्राचार्य को ज्ञापन देकर कार्रवाई न होने पर चेतावनी दी है। उन्होंने मांग की है कि निर्माण कार्य में लापरवाही और घटिया गुणवत्ता के लिए ठेकेदार व संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए अन्यथा संगठन आंदोलन करेगा। विक्रांत सिंह ने बताया कि यह ऑडिटोरियम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर बनाया गया था। इसकी जर्जर स्थिति के कारण शैक्षणिक और सांस्कृतिक गतिविधियों पर भी असर पड़ा है। हाल ही में एक कार्यक्रम को इसकी खराब हालत के चलते अंतिम समय में दूसरी जगह स्थानांतरित करना पड़ा, जिससे यह मुद्दा फिर से चर्चा में आ गया है।
इनका कहना है
ऑडिटोरियम पिछले डेढ़ साल से खराब स्थिति में है और फिलहाल उसमें कबूतरों का डेरा है। सफाई और मरम्मत के लिए अभी तक कोई बजट नहीं मिला है। इस संबंध में उन्होंने क्षेत्रीय विधायक रीती पाठक से भी चर्चा की है, लेकिन वहां से भी अभी तक कोई वित्तीय स्वीकृति नहीं आई है।
डॉ.प्रभाकर सिंह, प्राचार्य, प्रधानमंत्री एक्सीलेंस कालेज ऑफ संजय गांधी शासकीय महाविद्यालय सीधी
