
तियानजिन 02 (वार्ता) चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अप्रत्यक्ष तौर पर अमेरिका पर निशाना साधते हुए उसे ‘दूसरों को परेशान करने वाला’ तथा खुद को नया वैश्विक नेता बताया और श्री डोनाल्ड ट्रंप की ‘अमेरिका पहले’ की नीति दुनिया के अन्य देशों के लिए परेशानी का कारण बन गया है।
श्री जिनपिंग ने सोमवार को संघाई सहयोग संगठन (एससीओ) सम्मेलन में कहा, “अपने घर के नियम दूसरों पर लागू नहीं किया जाता। हमें दीवारों को तोड़ने की जरूरत है, न कि और खड़ी करने की। मैं एक न्यायपूर्ण और समानतापूर्ण दुनिया के लिए सभी देशों के साथ मिल कर काम करना चाहता हूँ। ”
उल्लेखनीय है कि चीनी राष्ट्रपति ने चीन के तियानजिन शहर में आयोजित इस शिखर सम्मेलन में एससीओ के सदस्य देशों को आने वाले एक वर्ष में दो अरब युवान अनुदान के रूप में देने की घोषणा की और अगले तीन सालों में 10 अरब युवान एससीओ बैंक के माध्यम से ऋण के तौर पर देने की घोषणा की। इसके साथ ही श्री जिनपिंग ने ‘वैश्विक स्वशासन पहल’ की घोषणा करते हुए शिखर सम्मेलन में शामिल नेताओं से एक न्यायपूर्ण और समानतापूर्ण विश्व के निर्माण के लिए साथ मिलकर काम करने का अह्वान किया।
शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, तुर्की के राष्ट्रपति तैयप अर्दोगन जैसे दिग्गज नेताओं के साथ विश्व के 20 से अधिक देशों के राजनेता
