
मुंबई। देश की सबसे बड़ी कंपनियों में शामिल रिलायंस इंडस्ट्रीज रिलायंस इंडस्ट्रीज ने वित्त वर्ष 2025-26 में जहां एक ओर 95,754 करोड़ का अब तक का सबसे बड़ा सालाना मुनाफा दर्ज किया, वहीं दूसरी ओर कंपनी के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने लगातार छठे वर्ष भी कंपनी से कोई वेतन नहीं लिया। रिलायंस की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार अंबानी ने FY 2020-21 से FY 2025-26 तक न सैलरी ली, न भत्ता, न कमीशन और न ही कोई स्टॉक ऑप्शन स्वीकार किया। कोविड काल में लिया गया उनका वेतन छोड़ने का फैसला अब भी जारी है। इससे पहले भी वे अपना वार्षिक वेतन 15 करोड़ तक सीमित रख चुके हैं। कॉरपोरेट जगत में शीर्ष अधिकारियों के भारी वेतन को लेकर उठते सवालों के बीच अंबानी का यह कदम अलग उदाहरण माना जा रहा है।
इसी वित्त वर्ष में रिलायंस ने सरकारी खजाने में 2,16,472 करोड़ का योगदान दिया, जिसमें टैक्स, ड्यूटी और अन्य भुगतान शामिल हैं। कंपनी के मुताबिक पिछले 10 वर्षों में उसका राष्ट्रीय कोष में कुल योगदान 15 लाख करोड़ से अधिक पहुंच चुका है। FY26 में कंपनी द्वारा जोड़ी गई कुल वैल्यू 4,63,448 करोड़ रही, जिसमें हर 100 में से करीब 47 सरकार को गए। वहीं CSR खर्च बढ़कर 2,248 करोड़ पहुंच गया। रिलायंस फाउंडेशन की सामाजिक पहलों से अब तक देशभर में 9.7 करोड़ से अधिक लोग लाभान्वित हुए हैं।
