
नयी दिल्ली 28 मई (वार्ता) लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली में कथित गड़बड़ियों के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को जिम्मेदार ठहराते हुये कहा है कि इस प्रणाली की वजह से 18.50 लाख छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ हुआ है। श्री गांधी ने गुरुवार को सोशल मीडिया एक्स पर कहा, “धर्मेंद्र प्रधान जी, आप मुझ पर जितना हमला करना चाहें कर सकते हैं लेकिन इससे आपके अपराध कम नहीं होंगे। न ही इससे मैं 18.50 लाख बच्चों के लिए जवाब मांगना बंद करूंगा।”
कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि सीबीएसई के ओएसएम कॉन्ट्रैक्ट को कॉइम्प्ट कंपनी को क्यों दिया गया जबकि यह कंपनी अपने पुराने नाम ग्लोबरेना के तहत पहले से विवादों घिरी रही है। उन्होंने पूछा कि यह फैसला किसके आदेश पर लिया गया और कंपनी का बैकग्राउंड चेक क्यों नहीं किया गया। इसके साथ ही उन्होंने कॉइम्प्ट प्रबंधन और मोदी सरकार के बीच संबंधों पर भी सवाल खड़े किये। उन्होंने कहा , “या तो सरकार ने बैकग्राउंड चेक किया और फिर भी कंपनी को काम दिया, या फिर कोई जांच ही नहीं की गई। दोनों ही स्थितियों में आप (धमेंद्र प्रधान) जिम्मेदार हैं।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि यदि प्रधानमंत्री को वास्तव में छात्रों की चिंता होती, तो लाखों छात्रों का भविष्य खराब करने के लिए वे शिक्षा मंत्री को बहुत पहले ही हटा चुके होते।
इस बीच श्री प्रधान ने श्री गांधी के आरोपों पर प्रतिक्रिया व्यक्त हुए कहा कि सीबीएसई ने इस मामले में अपना जवाब दे दिया है और पूरी प्रक्रिया भारत सरकार की नीति के अनुसार हुई है तथा यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो किसी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि लगातार चुनावी हार के कारण श्री गांधी हताश हो गए हैं और “एक अलग मानसिक स्थिति” में दिखाई दे रहे हैं।
