उमरिया:मध्यप्रदेश के उमरिया जिले स्थित बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा क्षेत्र में बाघ हमले की घटना के बाद वन विभाग के कर्मचारियों से मारपीट और शासकीय वाहन में तोड़फोड़ करने के मामले में आठ से अधिक ग्रामीणों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है।बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने बताया कि 24 मई को बाघ के हमले में एक महिला की मृत्यु हो गई थी, जबकि उसके परिवार के तीन अन्य सदस्य घायल हो गए थे। घटना से नाराज ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचे बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व और वन विभाग के अमले पर हमला कर दिया।
उन्होंने बताया कि ग्रामीणों ने रेंजर प्रतीक श्रीवास्तव, रेंजर मुकेश अहिरवार, वन रक्षक पंकज चंदेल और जितेन्द्र द्विवेदी के साथ मारपीट की। साथ ही रेंजर अंजू वर्मा को बंधक बनाया गया तथा शासकीय वाहन में तोड़फोड़ कर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया गया।इंदवार थाना में इस मामले में तीन अलग अलग प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। पुलिस ने आठ ग्रामीणों के विरुद्ध मामला कायम किया है, जिनकी संख्या जांच के दौरान बढ़ाई जा सकती है। अधिकारियों के अनुसार जांच प्रभावित न हो, इसलिए आरोपियों के नाम फिलहाल सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि घटना के बाद बाघ का रेस्क्यू किया गया था, लेकिन बाद में उसकी मृत्यु हो गई। बांधवगढ़ और जबलपुर में दो बार शव परीक्षण कराया गया है, हालांकि अब तक बाघ की मृत्यु के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है।
