चितरंगी के पड़री बांध नहर और सड़क निर्माण कार्य की रफ्तार पड़ी धीमी, ग्रामीण परेशान

सिंगरौली : चितरंगी ब्लॉक के पड़री बांध मुख्य नहर एवं माइनर नहर सड़क निर्माण कार्य कछुए की गति से कराया जा रहा है। यहां के आधा दर्जन गांवों के कई ग्रामीणों ने मंथर गति से चल रहे सड़क एवं पुल निर्माण कार्य को लेकर गहरी नाराजगी व्यक्त की है।जानकारी के अनुसार पड़री बांध मुख्य नहर एवं माइनर नहर से ग्राम पड़री, गुंजावल, मनिकपुर, विजयपुर, धरौली के डऊर गांवों के लोगों का आना-जाना लगा रहता है। उक्त नहरों से सड़क निर्माण के लिए काफी लम्बे अर्से से मांग भी की जा रही थी। पिछले वर्ष करीब 9 करोड़ रूपये सड़क एवं पुलों के निर्माण के लिए राशि मंजूर हुई और नवम्बर-दिसम्बर महीने में कार्य शुरू किये,जिससे कई किसानों के रबी एवं तिलहनी फसलों को नुकसान हुआ।

फिर भी गांवों के किसानों ने विरोध नही किया। उसके पीछे कारण यही बताया जा रहा है कि सभी चाहते थे कि सड़क का निर्माण हो जाए। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले करीब तीन महीने से कार्य पूरी तरीके से बंद है। कार्य बंद किये जाने के पीछे कारण भी स्पष्ट नही किया जा रहा है। यदि बरसात तक में बारिश के पूर्व पुल-पुलियों का कार्य पूर्ण नही हुआ तो, बारिश के पानी से उक्त गांवों के कई घर प्रभावित हो सकते हैं। चर्चा है कि कार्य के दौरान भू-अर्जन से जुड़ी कुछ समस्याएं आने के बाद कार्य को बंद कर दिया गया था। हालांकि अब एसडीएम न्यायालय से मामले का निपटारा भी हो गया है। लेकिन अभी कार्य आरंभ नही हुआ है।
तीन महीने से कार्य बंद, पानी का छिड़काव तक नही
विजयपुर, मनिकपुर, गुंजावल, पड़री समेत अन्य गांवों के कई ग्रामीणों का कहना है तीन महीने से अचानक कार्य बंद कर दिया गया है, हालांकि कार्य पूर्ण करने की अवधि 6 अगस्त 2027 नियत है। अभी काफी वक्त है, लेकिन कार्य बंद करने से पानी का छिड़काव भी नही कराया जा रहा है। जिससे इस कच्ची सड़क में वाहनों के चलते समय धूल के गुब्बारे उड़ते हैं।
नाला ब्लॉक, बारिश के दिनों बाढ़ का खतरा
मानिकपुर समेत कई गांवों के ग्रामीणों का कहना है कि कई नालों को मिट्टी-मुरूम से पाट दिया है। बारिश के दिनों में पानी की निकासी का अभी कोई रास्ता नही दिया है। ऐसे में यदि तेज बारिश हुई तो खेतों एवं पहाड़ों का पानी घरों में जमा होने की संभावना है। यहां बताते चले कि मनिकपुर, विजयपुर, पड़री, गुंजावल समेत कई गांव पहाड़ों के किनारे बसा हुआ है। बारिश के समय पहाड़ों का पानी उत्तर दिशा के खेतों में जाता है और नहर के नालों मे समाता है। लेकिन कई नालों का मुंह बंद होने से बारिश के दिनों में बाढ़ का खतरा भी मड़रा सकता है। यदि बारिश के पहले पुल-पुलियों का निर्माण कार्य पूर्ण कराये जाने की मांग उक्त गांवों के रहवासियों ने राज्यमंत्री राधा सिंह एवं कलेक्टर का ध्यान आकृष्ट कराया है।
इनका कहना:-
भू-अर्जन का कुछ मामला था, एसडीएम चितरंगी के द्वारा मामले को निपटारा कर दिया गया है। संभवत: संविदाकार के द्वारा कार्य चालू कर दिया गया है और बारिश के पहले सभी पुल-पुलियों के कार्य पूर्ण कराकर नालों को ठीक करा दिया जाएगा, ताकि बारिश के समय ग्रामीणों को कोई भी दिक्कत न हो।
तेजस्वनी शुक्ला
कार्यपालन यंत्री, लोनिवि, सिंगरौली

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