हैदराबाद, 26 मई (वार्ता) तेलंगाना पुलिस ने मंगलवार को कहा कि राज्य में सिलसिलेवार आत्मसमर्पण और तेज किये गये माओवाद-विरोधी अभियानों के बाद प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) ‘लगातार कमजोर’ हो रही है और संगठनात्मक रूप से खत्म होने के करीब पहुंच गयी है।
तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक सीवी आनंद ने वरिष्ठ माओवादी नेताओं पसुनूरी नरहरि उर्फ विश्वनाथ उर्फ सलाई दा और मेदरा दानम्मा उर्फ लता उर्फ पूनम उर्फ जोबा के आत्मसमर्पण के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इस संगठन का आखिरी जीवित पूर्वी क्षेत्रीय ब्यूरो भी ‘खत्म होने के कगार पर’ दिख रहा है।
उन्होंने कहा कि तेलंगाना में आत्मसमर्पण करने वाले सभी माओवादी कार्यकर्ताओं को, चाहे वे मूल रूप से कहीं के भी रहने वाले हों, राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत स्वास्थ्य सेवा और पुनर्वास सहायता प्रदान की जा रही है।
शीर्ष पुलिस अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी के आश्वासन के अनुसार, वर्ष 2024 और 2026 के बीच आत्मसमर्पण करने वाले कार्यकर्ताओं के स्वास्थ्य कार्ड बनाने की प्रक्रिया फिलहाल चल रही है और इन्हें जल्द ही जारी कर दिया जायेगा।
श्री आनंद ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले कार्यकर्ताओं को वित्तीय और पुनर्वास लाभ भी दिये जा रहे हैं। इसका उद्देश्य उन्हें ‘गरिमा और सुरक्षा के साथ’ अपना जीवन फिर से संवारने में मदद करना है।
तेलंगाना पुलिस के जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2024 और 2026 के बीच कुल 822 माओवादी कार्यकर्ताओं ने आत्मसमर्पण किया है। इनमें पांच केंद्रीय समिति के सदस्य, 23 राज्य समिति के सदस्य, एक क्षेत्रीय समिति का सदस्य, 45 संभागीय समिति के सचिव या सदस्य, 173 क्षेत्र समिति के सचिव या सदस्य और 575 पार्टी सदस्य शामिल हैं।
पुलिस ने यह भी बताया कि इसी अवधि के दौरान 334 हथियार बरामद किये गये। इनमें 58 एके-47 राइफलें, 50 एसएलआर राइफलें, 48 इंसास राइफलें और 56 सिंगल-शॉट बंदूकें शामिल हैं।
अधिकारियों ने कहा कि वर्ष 2026 में अब तक तेलंगाना में 264 माओवादी कैडर आत्मसमर्पण कर चुके हैं। इनमें तीन केंद्रीय समिति के सदस्य और 11 राज्य समिति के सदस्य शामिल हैं, जबकि अकेले इसी साल 238 हथियार जब्त किये गये हैं।
तेलंगाना पुलिस ने वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ अभियानों को तेज करने का श्रेय स्पेशल इंटेलिजेंस ब्रांच, ग्रेहाउंड्स और जिला पुलिस इकाइयों को दिया। उन्होंने कहा कि हालिया आत्मसमर्पण सरकार के पुनर्वास उपायों में बढ़ते विश्वास को दर्शाते हैं।
पुलिस ने कहा कि मौजूदा समय में तेलंगाना के केवल तीन सक्रिय भूमिगत माओवादी कैडरों के राज्य से बाहर विभिन्न संरचनाओं में काम करने की आशंका है। इनमें वरिष्ठ माओवादी नेता मुप्पला लक्ष्मण राव उर्फ गणपति भी शामिल हैं।
तेलंगाना सरकार ने शेष कार्यकर्ताओं से आत्मसमर्पण करने, सशस्त्र संघर्ष छोड़ने और राज्य के दिये जा रहे पुनर्वास लाभों का फायदा उठाते हुए मुख्यधारा में शामिल होने की अपील की है।
