कोलकाता, 26 मई (वार्ता) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को घोषणा की कि राज्य सरकार द्वारा संचालित सभी 367 कैंटीनों में सप्ताह में दो बार मात्र पांच रुपये प्रति प्लेट की रियायती दर पर मछली-चावल परोसा जाएगा।
पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा ‘मां कैंटीन’ नाम से शुरू की गई इन सरकारी रसोइयों की शुरुआत तत्कालीन तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार ने वर्ष 2021 में की थी। इन कैंटीनों की स्थापना राज्य भर के गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए की गई थी। अब तक इन कैंटीनों में भोजन की कीमत पांच रुपये प्रति प्लेट थी, लेकिन इसके मेनू में केवल चावल, सब्जी और उबला हुआ अंडा शामिल था।
मुख्यमंत्री अधिकारी नादिया जिले के कल्याणी में आयोजित एक प्रशासनिक समन्वय बैठक के बाद संवाददाताओं से बात कर रहे थे। इस प्रशासनिक बैठक में कई अन्य नीतिगत फैसलों की भी घोषणा की गई। मुख्यमंत्री अधिकारी ने बताया कि अगले सप्ताह से मुख्यमंत्री जन शिकायत हेल्पलाइन का नाम और संपर्क नंबर बदल दिया जाएगा। उन्होंने कहा, “इस हेल्पलाइन का नाम बदलकर ‘अपनार सरकार के बोलुन’ (अपनी सरकार से कहें) किया जाएगा। इसका उद्देश्य नागरिकों और सरकार के बीच सीधे संवाद को मजबूत करना है।”
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि ‘अन्नपूर्णा योजना’ के आवेदन फॉर्म 27 मई से जारी किए जाएंगे। इस योजना में पात्र महिलाओं को सीधे बैंक खाते में 3,000 रुपये की मासिक वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसके अलावा, उन्होंने घोषणा की कि राज्य परिवहन की बसों में महिलाओं को एक जून से मुफ्त यात्रा करने को मिलेगी।
अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर श्री अधिकारी ने कहा कि सरकार अवैध रूप से आए बांग्लादेशियों को वापस भेजने के लिए तेजी से काम कर रही है। उन्होंने कहा, “जो लोग बांग्लादेश से अवैध रूप से हमारे देश में घुसे हैं, उनके साथ हम अपने संसाधन जैसे तेल, दालें और दवाएं क्यों साझा करें? इन अवैध प्रवासियों को तुरंत वापस भेजा जाएगा। हमने कई स्थानों पर होल्डिंग सेंटर बनाए हैं और आगे भी ऐसे केंद्र बनाए जाएंगे।”
