मेक्सिको सिटी, 26 मई (वार्ता) मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम ने ईरान की टीम को विश्व कप के दौरान अपने देश में ठहरने की अनुमति देने पर सहमति जता दी है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका उन्हें अपने यहां ठहराने का इच्छुक नहीं है। सुश्री शीनबाम ने कहा कि अमेरिका के यह साफ किये जाने के बाद कि वह टूर्नामेंट के दौरान ईरानी टीम को अपने देश में नहीं ठहराना चाहता फीफा ने उनकी सरकार से संपर्क किया था। सुश्री शीनबाम ने कहा, “हमारे पास मेक्सिको में उन्हें न ठहरने देने की अनुमति का कोई कारण नहीं है।” उन्होंने कहा, “अमेरिका नहीं चाहता कि ईरानी टीम वहां रात में रुके, लेकिन वे वहां तीन मैच खेलने वाले हैं। इसलिए उन्होंने हमसे पूछा- ‘क्या वे मेक्सिको में रात को ठहर सकते हैं?’ और हमने कहा- ‘हां, कोई बात नहीं।’ हमें कोई आपत्ति नहीं है।”
बाद में सोमवार को, फीफा ने पुष्टि की कि ईरान का ट्रेनिंग बेस मेक्सिको के तिजुआना स्थित सेंट्रो ज़ोलोइत्ज़कुइंटल में होगा। बीबीसी स्पोर्ट्स के अनुसार, ईरान को शुरुआत में विश्व कप बेस के रूप में टूसॉन, एरिजोना दिया गया था और उनके तीनों मैच अमेरिका में ही खेले जाने तय हुए थे।
हालांकि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध और उससे जुड़ी सुरक्षा चिंताओं के कारण उनकी भागीदारी को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी। इस विश्व कप की सह-मेजबानी अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको कर रहे हैं, जिसमें ईरान का मुकाबला 15 जून को न्यूजीलैंड से और 21 जून को बेल्जियम से होना तय है– ये दोनों मैच लॉस एंजिल्स में खेले जायेंगे और 26 जून को सिएटल में मिस्र से होगा। ईरानी टीम फिलहाल दक्षिणी तुर्की के अंताल्या में इस टूर्नामेंट के लिए अपनी तैयारियां कर रही है। बीबीसी ने इस मामले में टिप्पणी के लिए ह्वाइट हाउस और फीफा से संपर्क किया है। ईरान के खेल मंत्री अहमद दुनियामाली ने भी पुष्टि की कि विश्व फुटबॉल की शासी निकाय ने कहा है कि ईरानी टीम को इस गर्मी में अमेरिका में खेलने के लिए वीजा दिया जायेगा।
उन्होंने कहा, “फीफा अध्यक्ष ने हमसे वादा किया था कि हमारे सभी खिलाड़ियों को वीजा मिलेगा। ऐसा कोई कारण नहीं है कि हमारे खिलाड़ियों को वीजा न मिले।”
ईरानी फुटबॉल महासंघ (एफएफआईआरआई) ने विश्व कप में अपनी भागीदारी के लिए फीफा के सामने 10 शर्तों की एक सूची रखी थी, जिसमें इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) में सैन्य सेवा पूरी कर चुके खिलाड़ियों, कोचों और अधिकारियों को वीजा दिये जाने की अनुमति शामिल थी।
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि टूर्नामेंट में ईरान के खिलाड़ियों का स्वागत किया जायेगा, लेकिन जिन लोगों के संबंध आईआरजीसी से हैं, उन्हें प्रवेश संबंधी पाबंदियों का सामना करना पड़ सकता है। वैंकूवर में अप्रैल में आयोजित होने वाली फीफा की वार्षिक कांग्रेस से पहले कनाडाई सीमा से वापस लौटाये गये कई एफएफआईआरआई अधिकारियों में ताज भी शामिल थे। कनाडा के आप्रवासन मंत्री ने संसद में बताया था कि आईआरजीसी से संबंधों के कारण उनका वीजा रद्द कर दिया गया था। टीम के कुछ खिलाड़ी टूर्नामेंट के लिए वीजा आवेदन जमा करने गुरुवार को अंकारा स्थित अमेरिकी दूतावास गये थे।

