डॉक्टरों की लेत-लतीफी और बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहा नौगांव अस्पताल, जनता परेशान

नौगांव। सिविल अस्पताल नौगांव की स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं को लेकर स्थानीय नागरिकों में लगातार नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों का आरोप है कि अस्पताल में डॉक्टर निर्धारित समय पर नहीं पहुंचते और कई बार ड्यूटी अवधि समाप्त होने से पहले ही अस्पताल छोड़कर चले जाते हैं, जिससे मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ता है।

ग्रामीण क्षेत्रों से इलाज कराने आने वाले मरीज सुबह से अस्पताल परिसर में लाइन लगाकर खड़े रहते हैं, लेकिन चिकित्सकों की अनुपस्थिति के कारण ओपीडी व्यवस्था प्रभावित रहती है। कई मरीजों को बिना उपचार के ही वापस लौटना पड़ता है। नागरिकों का कहना है कि अस्पताल में अव्यवस्थाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस ओर गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं।

अस्पताल में मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। भीषण गर्मी के बावजूद मरीजों और उनके परिजनों के लिए पर्याप्त बैठने की व्यवस्था नहीं है। वहीं ठंडे पेयजल की सुविधा भी उपलब्ध नहीं होने से लोगों को गर्म पानी पीकर प्यास बुझानी पड़ रही है। मरीजों का कहना है कि अस्पताल में आने वाले लोगों को आवश्यक सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही हैं।

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि अस्पताल की समस्याओं को लेकर कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन व्यवस्थाओं में सुधार के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। लोगों का कहना है कि अस्पताल प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारी शिकायतों पर ध्यान देने के बजाय चुप्पी साधे हुए हैं।

क्षेत्रीय जनता ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि अस्पताल में डॉक्टरों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, समय से पहले अस्पताल छोड़ने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई हो तथा मरीजों के लिए बैठने और शुद्ध ठंडे पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की जाए, ताकि आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।

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