जबलपुर: शराब तस्करी के मामले में आरोपित से यारी निभाने वाले दो पुलिस कर्मियों को पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने सस्पेंड कर लाइन हाजिर कर दिया है। आरक्षक और प्रधान आरक्षक आरोपी को कोर्ट में पेश करने के लिए पुलिस वाहन की बजाए प्राइवेट वाहन से ले गए थे। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। मामले की जांच एसडीओपी पाटन को सौंपी गई। इसके साथ ही विभागीय कार्रवाई शुरू होते ही दोनों सिपाहियों पर गाज गिर गई है।
पाटन एसडीओपी लोकेश डाबर ने बताया कि शहपुरा थाने में अवैश शराब मामले में पकड़े गये आरोपी को प्राइवेट कार से कोर्ट पशी पर ले जाए जाने का वीडियो वायरल हुआ था मामले की जांच चल रही है। दो पुलिस जवानों को लाइन अटैच कर दिया गया है। आज मैं अपनी पूरी जांच रिपोर्ट पुलिस अधीक्षक कार्यालय में सौंप दूंगा।
क्या है मामला
विदित हो कि 14 मई की रात्रि शहपुरा पुलिस को शराब तस्करी की सूचना मिली। पुलिस ने ग्राम नटवारा बरगी अहरोरा तरफ ग्राम बरगी से पहले नहर पुलिया के पास घेराबंदी की। एक्सिस क्रमांक एमपी 20 जेड सी 1892 को रोका गया। चालक आकाश सिंह लोधी 22 वर्ष निवासी कनवास शहपुरा को पकड़ा गया था। एक्सिस स्कूटी के सामने दो बोरियों में कुल शराब 57 लीटर कुल कीमती लगभग 27000 रूपए की मिली थी। पूछताछ करने पर शराब को बेचने के लिए ग्राम डोभी अहरोरा तरफ जाना बताया था। पुलिस ने तस्कर के खिलाफ आबकारी के एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया था।
रौब दिखाने वीडियो किया था वायरल
शराब तस्करी के मामले में गिरफ्तार आकाश को कोर्ट में पेश किया जाना था। जिसकी जिम्मेदारी थाने में पदस्थ आरक्षक ताराचंद चौधरी, प्रधान आरक्षक जयंत जाटव को सौंपी गई थी। नियमानुसार आरोपी को पुलिस वाहन से कोर्ट पेशी में ले जाना था लेकिन उसे प्राइवेट कार क्रमांक एमपी 09 सीडब्ल्यू 1554 में बैठाकर पाटन कोर्ट ले जाया गया था। आरोपी के साथियों का काफिला भी अन्य कारों से चल रहा था। सोशल मीडिया पर रौब दिखाने उन्होंने वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल किया था।
