
विंध्य की डायरी डॉ रवि तिवारी। सब कुछ हो जाता है की कार्यसंस्कृति को वर्षो से अपना कर नेता ,अधिकारियों और कमर्चारियों के गठजोड़ में सालों बाद पड़े पेंच में जनता तो खुश नजर आ रही है, पर हमेशा मजमा लगाकर चलने वाले नेताओं के चेहरे पर उड़ रही हवाईयां कुछ और ही कहानी बयां कर रही है.इस कहानी के मूल पात्र ने अपने अल्प प्रवास पर क़्या गुफ्तगूं की , अब यह जनचर्चा का विषय बना हुआ है. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और रीवा कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवँशी की विमानतल पर भेंट भले प्रोटोकॉल का हिस्सा हो पर कयास लगाने में माहिर जनता और नेता अपनी-अपनी कहानी सुना रहे है. इस मामले में उपमुख्यमंत्री की चुप्पी भी व्यवस्था में कसावट पर अपनी मूक सहमति की मोहर लगा रही है. यह तो सभी स्वीकार करने लगे हैं कि इतने कम समय मे अपनी कार्यसंस्कृति के कारण लोकप्रियता के प्रतिमान स्थापित करना किसी के लिए इतना सहज नही है. वर्तमान व्यवस्था में ब्यूरोक्रेसी से यह कल्पना साकार होते कम ही देखने को मिलती है. हालांकि उन्होंने अभी तक जिले में चारो ओर पनप रहे माफियाराज पर नकेल कसने के कोई संकेत नही दिए हैं फिर भी सोते-जागते,उठते-बैठते अवैध कारोबार में संलिप्त लोगो की नीद उड़ी हुई हैं. उन्हें यह भय सता रहा है कि कही प्रशासन की वक्रदृष्टि उन पर भी हो गई तो वर्षो से खड़े किए गए कारोबार पर पानी फिर जाएगा….!
विंध्य में सियासी जमीन खिसकने के साथ बसपा हाशिये पर
विंध्य क्षेत्र में बहुजन समाज पार्टी का जनाधार समाजवादी पार्टी से मजबूत है. लेकिन वर्तमान में दोनो ही दल मुख्य रूप से हाशिये पर है. विंध्य क्षेत्र कभी बसपा का प्रमुख गढ़ माना जाता था और यहीं से पार्टी को पहला सांसद भी मिला था और तीन बार लोकसभा सीट पर बीएसपी चुनाव जीती. सबसे मजबूत सियासी जमीन विंध्य रही है. रीवा, सतना, सीधी, ऊर्जाधानी जिलो में बसपा का एक मजबूत दलित और बहुजन वोट बैंक रहा है. लेकिन समय के फेर के साथ हालिया चुनावों में बसपा का प्रभाव कम हुआ और पार्टी मुख्य मुकाबलो से दूर हो गई. बावजूद इसके कई सीटो पर भाजपा और कांग्रेस के बीच हार-जीत का अंतर तय करने की निर्णायक स्थित में रहती है. दूसरे शब्दो में यह कहे कि बीजेपी-कांग्रेस का गणित जरूर बिगाड़ती है. विधानसभा व लोकसभा चुनाव के बाद पार्टी की गतिविधियां कम हो गई है और चुनाव नजदीक आने पर अपने खोये जनाधार को पाने के लिये पार्टी असंतुष्ट और बागी नेताओं को टिकट देने पर ध्यान केन्द्रित करेगी. लेकिन अभी संगठनात्मक एवं जन मुद्दो को लेकर पार्टी की गतिविधियां शून्य है. सपा का जनाधार बसपा से कम है, तीसरी ताकत के रूप में विंध्य में सपा ने हमेशा प्रयास किया लेकिन कोई बड़ी सफलता नही मिली. चुनावी में स्थानीय असंतुष्ट नेताओं और बागी हुए उम्मीदवारो को मैदान में उतार कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराती रही है, लेकिन कोई खास कमाल नही कर पाई.
जब सीएम डॉ.मोहन यादव ने ठेले पर खाया समोसा
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को सिंगरौली प्रवास के दौरान एक अलग अंदाज में नजर आए । विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए बैढ़न से एनटीपीसी की ओर जाते समय उनका काफिला नवजीवन विहार क्षेत्र में अचानक सड़क किनारे लगे इलाहाबादी समोसे के ठेले पर रुक गया ।
मुख्यमंत्री ने ठेले पर पहुंचकर दुकानदारों से बातचीत की और समोसे का स्वाद लिया । इस दौरान उन्होंने दुकान संचालकों से उनके परिवार, आजीविका और व्यवसाय के बारे में जानकारी ली । मुख्यमंत्री ने समोसों के स्वाद की सराहना करते हुए दुकानदारों का उत्साहवर्धन भी किया ।
सीएम के अचानक ठेले पर पहुंचने की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई । लोगों में मुख्यमंत्री को करीब से देखने और उनसे मिलने का उत्साह दिखाई दिया । हालांकि सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिसकर्मियों ने भीड़ को नियंत्रित करते हुए व्यवस्था बनाए रखी ।
मुख्यमंत्री के इस सहज और आत्मीय अंदाज की चर्चा पूरे क्षेत्र में होती रही और स्थानीय लोगों ने इसे यादगार पल बताया।
संगठन को मजबूत बनाने में जुटी कांग्रेस
संगठन सृजन अभियान के बाद से लगातार कांग्रेस पार्टी संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने मे लगी है । ब्लाक से लेकर बूथ तक कार्यकर्ताओ की टीम खड़ी हो इसके लिए हर सम्भव प्रयास किये जा रहे हैं । पूरे विंध्य मे कांग्रेस अपना खोया हुआ सम्मान पाने के लिए लगी लेकिन नेताओं की आपसी गुटबाजी और खींचतान का सीधा असर कार्यकर्ताओ के मनोबल पर पडता है । इस समय सभी विधानसभा में प्रभारी संगठन की बैठक लेकर अनुशासन के साथ-साथ एकता का संदेश दिया जा रहा है । हलांकि यह पहली बार नही हो रहा । सबसे बडा सवाल नेताओ को लेकर है । टिकट की महत्वाकांक्षा के चलते जब टिकट नहीं मिलता है तो पार्टी को भितरघात का सामना करना पडता है । सबसे महत्वपूर्ण यह है कि कांग्रेस के निष्ठावान कार्यकर्ताओ को तैयार कर मैदान में भेजा जाए तभी कांग्रेस विंध्य क्षेत्र में अपना राजनैतिक वैभव को स्थापित कर पायेगी ।
