
मुंबई। महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने घोषणा की है कि राज्य में ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए आगामी 15 अगस्त तक व्यावहारिक (कामचलाऊ) मराठी भाषा सीखना अनिवार्य होगा, ताकि वे यात्रियों के साथ बेहतर संवाद कर सकें। परिवहन मंत्री सरनाईक ने यह बात मंत्रालय में टैक्सी और ऑटो-रिक्शा चालकों के लिए मराठी भाषा प्रशिक्षण कार्यक्रमों को लेकर आयोजित एक बैठक के दौरान कही। इस बैठक में साहित्यिक, शैक्षणिक और परिवहन से जुड़े संगठनों के कई अधिकारी और प्रतिनिधि उपस्थित थे।
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जो चालक 16 अगस्त तक इस निर्देश का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और इस समय-सीमा के बाद कोई अतिरिक्त मोहलत नहीं दी जाएगी। परिवहन मंत्री ने कहा कि परिवहन विभाग ने राज्य भर में मराठी भाषा के उपयोग को बढ़ावा देने और उसके विस्तार के लिए यह पहल की है। इस कार्यक्रम के तहत परिवहन विभाग, कोंकण मराठी साहित्य परिषद और मुंबई मराठी साहित्य संघ के सहयोग से मराठी भाषा शिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
