अवध एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश में डिफेंस कॉरिडोर को मज़बूत करेगा, लखनऊ – कानपुर के बीच नयी औद्योगिक संभावनाएं खोलेगा: नाइट फ्रैंक इंडिया

नयी दिल्ली, 22 मई (वार्ता) अचल सम्पत्ति बाजार की प्रतिष्ठित परामर्श सेवा कंपनी नाइट फ्रैंक इंडिया का अनुमान है कि जल्द ही शुरू होने वाला लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे से उत्तर प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों और मैन्युफ़ैक्चरिंग क्षेत्र को प्रोत्साहन मिलेगा। नाइट फ्रैंक इंडिया ने शुक्रवार को एक विज्ञप्ति में कहा कि कुल 63 किलो मीटर की यह नयी राष्ट्रीय राजगार्म परियोजना लखनऊ और कानपुर को जोड़ती है और उत्तर प्रदेश में रक्षा उत्पादन इकाइयों के लिए विकसित किये जा रहे डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के दो मुख्य केंद्रों के बीच सम्पर्क सुविधा मज़बूत करती है। लखनऊ और कानपुर, झांसी, अलीगढ़, आगरा और चित्रकूट के साथ मिलकर छह-केंद्रों वाले डिफेंस कॉरिडोर नेटवर्क का हिस्सा हैं।
नाइटफ्रैंक का कहना है, ‘ उम्मीद है कि यह एक्सप्रेसवे डिफेंस से जुड़े सामान, औद्योगिक चीज़ों और कर्मचारियों की आवाजाही को आसान बनाएगा। साथ ही, यह कॉरिडोर से जुड़ी सहायक इंडस्ट्रीज़ और मैन्युफ़ैक्चरिंग क्लस्टर्स की काम करने की क्षमता को भी बेहतर बनाएगा।’

नाइट फ्रैंक का कहना है, ‘ अचल सम्पत्ति बाजार के नज़रिए से देखें, तो इसका तुरंत असर मुख्य शहर के बाज़ारों के बजाय लखनऊ और कानपुर के बीच के बाहरी और शहरी-इलाकों से सटे हिस्सों में देखने को मिल सकता है। उन्नाव के पास गंगा एक्सप्रेसवे से इस एक्सप्रेसवे का जुड़ना इसके महत्व को और भी बढ़ा देता है। बेहतर कनेक्टिविटी के चलते, उन्नाव और इंटरचेंज ज़ोन के आस-पास के इलाकों में प्लॉट वाली ज़मीन के विकास, लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउसिंग और मिक्स्ड-यूज़ प्रोजेक्ट्स में लोगों की दिलचस्पी बढ़ने की उम्मीद है। समय के साथ, यह दोनों शहरों के बीच एक ज़्यादा जुड़ा हुआ शहरी इलाका (अर्बन बेल्ट) बनने की प्रक्रिया को तेज़ कर सकता है। नाइट फ्रैंक इंडिया में सरकारी क्षेत्र और अवसंरचना परामर्श प्रभाग के अधिशासी निदेशक राजीव विजय ने कहा, “लखनऊ-कानपुर (अवध) एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की लगातार जारी, इंफ्रास्ट्रक्चर पर आधारित विकास की व्यापक रणनीति को दिखाता है। राज्य में अभी सात एक्सप्रेसवे चालू हैं, और कई और एक्सप्रेसवे पर काम चल रहा है। यह भारत के सबसे तेज़ी से बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर बाज़ारों में से एक के तौर पर राज्य की स्थिति को और मज़बूत करता है।

अवध एक्सप्रेसवे एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है, जो उत्तर प्रदेश के दो मुख्य केंद्रों के बीच स्थानीय और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, औद्योगिक क्षमता और आर्थिक एकीकरण को काफ़ी हद तक बढ़ाएगा। राज्य के दो सबसे प्रमुख आर्थिक केंद्रों के बीच यात्रा के समय को घटाकर एक घंटे से भी कम कर देने से, इस कॉरिडोर में आने-जाने के तरीकों को बदलने, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मज़बूत करने और रियल एस्टेट व औद्योगिक विकास के लिए नए अवसर खोलने की क्षमता है। गंगा एक्सप्रेसवे और उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के साथ इसका जुड़ाव इसके लंबे समय के आर्थिक महत्व को और भी बढ़ा देता है।” यह एक्सप्रेसवे दक्षिण लखनऊ में शहीद पथ से शुरू होता है और कानपुर के पास आज़ाद चौराहे पर समाप्त होता है, जिससे एक सीधा, तेज़ रफ़्तार वाला कॉरिडोर बनता है। उम्मीद है कि यह कॉरिडोर उत्तर प्रदेश में आवागमन और क्षेत्रीय विकास के तौर-तरीकों को पूरी तरह से बदल देगा। इस प्रोजेक्ट में 38 अंडरपास, तीन खास तौर पर बनाए गए रेस्ट एरिया और 10 बिस्तरों वाला एक ट्रॉमा केयर अस्पताल शामिल होगा।

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