
शाजापुर। जिलेभर में दस दिवसीय गणेशोत्सव का समापन शनिवार को बप्पा के विसर्जन के साथ हुआ. भक्तों की आंखें विदाई के क्षणों में नम थीं, लेकिन उत्साह और श्रद्धा की कमी नहीं थी. शहर की गलियां अबीर-गुलाल और गणपति बप्पा मोरिया, अगले बरस तू जल्दी आ के जयकारों से गूंज उठीं.
भक्तजनों ने श्रद्धा से किसी ने प्रतिमा को सिर पर उठाकर, तो किसी ने वाहन से सजाकर विसर्जन स्थल जादमी बैराज तक पहुंचाया. बैंड-बाजों की धुन पर नाचते-गाते हुए लोगों ने बप्पा को विदा किया. विसर्जन स्थल लखुंदर नदी पर पूजा-अर्चना के बाद क्रेन की मदद से प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया.
शहरभर के गणेश उत्सव मंडलों ने जिस उत्साह से बप्पा को विराजमान किया था, उसी भाव से उन्हें विदा भी किया.विसर्जन जुलूस के दौरान प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे. पुलिस बल, रोशनी की व्यवस्था और गोताखोरों की टीम तैनात रही.
पिछले दस दिनों से श्रद्धालु भक्ति, आरती और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में डूबे रहे. शनिवार को विदाई के समय सभी ने नम आंखों से बप्पा से अगले बरस जल्दी आने की कामना की.
