
भोपाल। न्यू मार्केट स्थित श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर में आयोजित संगीतमय श्रीराम कथा के दूसरे दिन भक्तिमय माहौल देखने को मिला। कथा व्यास प्रतिकेश्वर महाराज ने श्रीराम जन्मोत्सव, ताड़का वध, धनुष यज्ञ और परशुराम-लक्ष्मण संवाद का भावपूर्ण वर्णन किया। श्रीराम जन्मोत्सव के दौरान पूरा पंडाल जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। महाराज ने कहा कि जीवन से अधर्म, क्रोध और अहंकार रूपी ताड़का का अंत करना ही सच्ची साधना है। धनुष यज्ञ प्रसंग के माध्यम से मर्यादा, विनम्रता और धर्म पालन का संदेश दिया गया। वहीं परशुराम-लक्ष्मण संवाद के जरिए संयम, सेवा और माता-पिता के सम्मान का महत्व बताया गया। कथा के अंतिम दिन श्रद्धालुओं को श्रीराम के पावन पत्थर वितरित किए जाने की घोषणा भी की गई।
