नयी दिल्ली, 21 मई (वार्ता) स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (एसएमसी) गाइडलाइंस 2026 उन स्कूलों पर लागू नहीं होंगी जिन्हें सरकार या स्थानीय प्राधिकरण से किसी प्रकार की वित्तीय सहायता या अनुदान प्राप्त नहीं होता है। शिक्षा मंत्रालय ने यह स्पष्टीकरण विभिन्न वर्गों के सुझावों के बाद गुरुवार को जारी किया। उन्होंने कहा कि एसएमसी गाइडलाइंस उन स्कूलों पर लागू नहीं होंगी जिन्हें सरकार या स्थानीय प्राधिकरण से किसी प्रकार की वित्तीय सहायता या अनुदान प्राप्त नहीं होता है। शिक्षा मंत्रालय ने छह मई 2026 को SMC गाइडलाइंस 2026 लॉन्च की थीं। इन दिशानिर्देशों का उद्देश्य स्कूल शिक्षा में सामुदायिक भागीदारी को मजबूत करना, विकेंद्रीकृत एवं सहभागी स्कूल प्रशासन को बढ़ावा देना तथा बच्चों के हितों को केंद्र में रखते हुए स्कूलों में अधिक समावेशी और प्रभावी शिक्षण वातावरण तैयार करना है। इसके साथ ही स्कूलों के प्रति समुदाय की सहभागिता और स्वामित्व की भावना विकसित करने पर भी जोर दिया गया है।
मंत्रालय ने 20 मई को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भेजे गए पत्र में कहा कि शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम, 2009 की धारा 2(एन)(4) के अंतर्गत आने वाले स्कूल, यदि उन्हें अपने खर्चों के लिए सरकार या स्थानीय निकाय से कोई सहायता या अनुदान नहीं मिलता है, तो वे इन गाइडलाइंस के दायरे में नहीं आएंगे। मंत्रालय ने हालांकि यह भी कहा कि ऐसे स्कूलों को पारदर्शिता, जवाबदेही और सहभागी प्रशासन को बढ़ावा देने के लिए स्वेच्छा से स्कूल मैनेजमेंट कमेटी गठित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार शिक्षा सरकार, स्कूल, अभिभावकों और समुदाय की साझा जिम्मेदारी है। सभी हितधारकों के बीच सहयोग को मजबूत करना स्कूलों की कार्यप्रणाली सुधारने और बच्चों के बेहतर शिक्षण परिणाम सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है।

