नयी दिल्ली 21 मई (वार्ता) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को गद्दार कहे जाने पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी को आड़े हाथों लिया है और कहा है कि वह अपने शब्दों और भाषणों के ज़रिए बार-बार अपना असली स्वभाव और चरित्र दिखा रहे हैं। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को भाजपा मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, “आज मैं आपके सामने एक बहुत ही महत्वपूर्ण कूटनीतिक यात्रा को उजागर करने के लिए उपस्थित हूँ, जिसे श्री मोदी ने आज पूरा किया है। पांच दिनों में पांच देशों की यात्रा के दौरान जिस तरह से भारत ने अपनी छाप छोड़ी, जिस गर्मजोशी के साथ प्रधानमंत्री का उन सभी पांच राष्ट्रों में विभिन्न कार्यक्रमों के दौरान स्वागत किया गया, भारतीय प्रवासियों द्वारा उन्हें जो सम्मान दिया गया और भारत को मिले तीन अंतरराष्ट्रीय सम्मान, जिनमें दो देशों और खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) द्वारा प्रधानमंत्री को सम्मानित किया गया, वह हर भारतीय के लिए गर्व की बात है।”
उन्होंने कहा, “यह केवल कूटनीतिक और राजनीतिक मंच पर की गयी एक अंतरराष्ट्रीय यात्रा मात्र नहीं थी। इसने भारत के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण परिणाम उत्पन्न किये हैं। चाहे वह भारत के विकास की भविष्य की रणनीति से संबंधित हो, भारत की आर्थिक यात्रा से या आने वाले दिनों में भारत की क्षमताओं का विस्तार करने से,आत्मनिर्भरता को मजबूत करने से अथवा यह सुनिश्चित करने से कि आम जनता को उनके दैनिक जीवन में आवश्यक वस्तुएँ आसानी से उपलब्ध हों, हर तरह से यात्रा कारगर साबित हुई है।” इस दौरान उन्होंने श्री गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि एक तरफ पूरी दुनिया भारत और प्रधानमंत्री की ओर बहुत भरोसे के साथ देखती है। वहीं, दूसरी ओर श्री गांधी अपने शब्दों और भाषणों के ज़रिए बार-बार अपना असली स्वभाव और चरित्र दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा, “भारत की जनता उन्हें बार-बार नकार रही है और वह एक के बाद एक चुनाव हार रहे हैं। इसकी वजह से जो हताशा और एक तरह की कुंठा उनमें पैदा हुई है, वह उनके व्यवहार में साफ़ झलकती है। वह जिस तरह से अपशब्दों का इस्तेमाल करते हैं और प्रधानमंत्री के बारे में अपमानजनक बातें करते हैं, वह निंदनीय है।”
इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जिस तरह से कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार घुसपैठियों का समर्थन करते हैं, वह ‘गद्दारी’ है। उन्होंने सवाल किया, “क्या वैश्विक मंच पर तिरंगे का मान बढ़ाना ‘गद्दारी’ कहलाएगा, या विदेश जाकर भारत के तिरंगे का अपमान करना ‘गद्दारी’ माना जाएगा” उन्होंने सवाल किया कि क्या आतंकवाद की कमर तोड़ना, आतंकवाद को मुंहतोड़ जवाब देना देशद्रोह माना जाता है? या आतंकवादियों को बिरयानी खिलाना या आतंकवादियों के साथ समझौता करना देशद्रोह माना जाता है? उन्होंने कहा कि श्री गांधी जिस शब्दावली का उपयोग करते हैं, उसे अंग्रेजी में ‘गालियां कमजोरों का हथियार होती हैं’ कहा जाता है। उन्होंने कहा, “देश अब श्री गांधी की कमजोरियों, गांधी परिवार और कांग्रेस पार्टी की असफलताओं और श्री मोदी के नेतृत्व में दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था तथा वैश्विक मंच पर भारत की प्रतिष्ठा को देख रहा है।”
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने 50 से अधिक प्रमुख कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) से मुलाकात की और उनके साथ संवाद किया। इनमें अंतरराष्ट्रीय स्तर की ‘फॉर्च्यून 500’ कंपनियाँ भी शामिल हैं, जो इन निगमों का नेतृत्व और प्रबंधन कर रही हैं। उनके साथ भारत में और अधिक निवेश, व्यापार और संबंधों को मजबूत करने के संबंध में चर्चाएँ की गयी। यदि हम केवल उन कंपनियों के बाजार मूल्य का आकलन करें जिनका प्रतिनिधित्व उन सीईओ द्वारा किया गया जिनके साथ प्रधानमंत्री ने चर्चा की, तो उनका कुल मूल्य तीस लाख करोड़ डॉलर से भी अधिक है।” उन्होंने कहा, “आज पूरी दुनिया भारत को एक विश्वसनीय साझेदार के रूप में देखती है। आज पूरी दुनिया भारत को एक पसंदीदा वैश्विक गंतव्य के रूप में देखती है। मेरा मानना है कि यह केवल एक संयोग नहीं है, बल्कि एक सुविचारित रणनीति है।” केंद्रीय मंत्री कहा, “मेरा मानना है कि प्रधानमंत्री ऐसे समय में देश नेतृत्व कर रहे हैं, जब दुनिया में बहुत ज़्यादा अनिश्चितता है। अलग-अलग देश युद्ध की चपेट में आ गये हैं। ऐसी स्थिति में यूरोप और भारत एक-दूसरे के दोस्त और साझेदार की तरह हैं। वे एक-दूसरे के पूरक हैं। उनमें प्रतिस्पर्धा कम और साझेदारी ज़्यादा है।” संवाददाता सम्मेलन के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रखुख अनिल बलूनी और मीडिया सह-प्रमुख डॉ. संजय मयूख भी उपस्थित थे।

