
नयी दिल्ली, 20 मई (वार्ता) कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार सच का सामना करने से डरती है और पिछले 12 वर्षों में उसने लोकतंत्र का आईना माने जाने वाले विपक्ष तथा मीडिया की आवाज को दबाने का काम किया है। कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने बुधवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि श्री मोदी देश में आर्थिक संकट के लिए वैश्विक युद्धों को जिम्मेदार ठहराते हैं लेकिन सच यह है कि देश की अर्थव्यवस्था पहले से ही चुनौतियों का सामना कर रही थी और कांग्रेस लगातार इसकी चेतावनी देती रही है। उन्होंने कहा, “लोकतंत्र में विपक्ष और मीडिया वह आईना होते हैं, जो सत्ता को सच्चाई दिखाते हैं, लेकिन सच से डरने वाली मोदी सरकार इस आईने को तोड़ने का काम कर रही है। झूठ आईने से डरता है।”
श्री खेड़ा ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने पिछले 12 वर्षों में कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की, क्योंकि उन्हें डर है कि मीडिया उनसे कठिन सवाल पूछ सकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री देश को नसीहत देकर विदेश यात्रा पर चले जाते हैं और उससे पहले लंबे रोड शो करते हैं। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कई नेता सार्वजनिक परिवहन या बाइक पर चलने का प्रदर्शन करते हैं, जबकि पीछे उनका पूरा वाहन काफिला चलता है। कांग्रेस नेता ने महंगाई का मुद्दा उठाते हुए दावा किया कि वर्ष 2014 में 414 रुपये में मिलने वाला एलपीजी सिलेंडर अब 915 रुपये का हो गया है, जो 121 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। उन्होंने कहा कि कमर्शियल सिलेंडर ब्लैक में बिक रहा है, बाहर खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतें बढ़ चुकी हैं तथा दूध और ब्रेड जैसी जरूरी वस्तुएं भी महंगी हो गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि रुपया लगातार कमजोर होकर 97 के स्तर तक पहुंच गया है और सरकार जनता को वास्तविक आंकड़ों से दूर रख रही है। उन्होंने कहा कि श्री मोदी पहले 60 दिन, फिर 60 महीने मांगते रहे और अब वर्ष 2047 तक का समय मांग रहे हैं, लेकिन बीच के आर्थिक आंकड़ों पर जवाब नहीं देते।
उन्होंने दावा किया कि पिछले 12 वर्षों में पेट्रोल की कीमतों में 38 प्रतिशत तथा डीजल की कीमतों में 62 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। कांग्रेस नेता ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल में कच्चे तेल की कीमतें अधिक होने के बावजूद पेट्रोल-डीजल की कीमतें नियंत्रित रहीं, जबकि वर्तमान सरकार में कम कच्चे तेल की कीमतों के बावजूद ईंधन महंगा बेचा गया। श्री खेड़ा ने आरोप लगाया कि सरकार की जिम्मेदारी जनता की परेशानियों को कम करना है, लेकिन मोदी सरकार लोगों की समस्याएं बढ़ाने का काम कर रही है।
