सतना : सरकारी दावों के विपरीत जमीनी स्तर पर अन्नदाता आज भी सिस्टम की लापरवाही का दंश झेलने को मजबूर है। ताजा मामला रघुराजनगर तहसील के ग्राम रगौली का है, जहाँ दिव्यांग किसान अपनी ही फसल का भुगतान पाने के लिए कलेक्ट्रेट के चक्कर काट रहा है। पीड़ित किसान ने कलेक्टर को शिकायती पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है।
दिव्यांग किसान रामलाल रैकवार ने बताया कि उन्होंने रबी फसल उपार्जन वर्ष 2026-27 के तहत सेवा सहकारी समिति डांडीटोला में अपनी मेहनत की उपज बेची थी। समिति द्वारा उन्हें फसल विक्रय की टोकन संख्या की रसीद भी थमा दी गई। लेकिन जब अंतिम उपार्जन पंजीयन पर्ची जारी हुई, तो पर्ची में उनकी बेची गई फसल को दर्ज ही नहीं किया गया . रिकॉर्ड में फसल दर्ज न होने के कारण अब उनके खाते में राशि का भुगतान नहीं हो पा रहा है।
पीड़ित दिव्यांग किसान जब इस गड़बड़ी की शिकायत लेकर समिति प्रबंधक के पास पहुंचा, तो उसे सुधार करने के बजाय अजीबोगरीब आश्वासन मिला। प्रबंधक ने किसान से कहा कि पोर्टल की डेट निकलने के बाद भी मैं तुम्हारा पैसा दिलवा दूंगा।
थक-हारकर पीड़ित किसान ने कलेक्टर को आवेदन देकर मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की . आवेदन के साथ समिति द्वारा दी गई टोकन रसीद भी संलग्न की गई है। किसान ने मांग की है कि शासकीय रिकॉर्ड और पंजीयन पर्ची में उनकी फसल को दर्ज कराया जाए और अटके हुए भुगतान को खाते में ट्रांसफर करवाया जाए
