सीहोर। जल संकट को लेकर जिले के दर्जनों गांवों की महिलाएं खाली पानी के बर्तन औरगुलाब के फूल लेकर गांधीगिरी के अंदाज में पैदल रैली निकालते हुए राजधानी भोपाल पहुंचीं. भीषण 44 डिग्री तापमान और तेज धूप के बीच महिलाएं नारे लगाते हुए आगे बढ़ रही थीं.
इस रैली में ग्राम पंचायत रामगढ़ के सरंपच अशोक मीणा के साथ आसपास के आदिवासी क्षेत्रों की महिलाएं बड़ी संख्या में शामिल हुईं. जिनका कहना था कि ग्राम पंचायत रामगढ़ के ग्राम पांगरी जंगल, काला पाठा मोहल्ला, मव वड़ला, आदिवासी मोहल्ला, पांगरी जंगल में हरिजन मोहल्ला में पानी कि बहुत किल्लत है, हमारे हमारे यहां रामगढ़ में नदी के पास बोर खनन कराया जाए उससे पाईप लाईन के माध्यम से घरों में जल पहुंचाया जाएगा एवं नल जल योजना का कार्य शुरु किया जाए. रैली में महिलाओं के सिर पर खाली पानी के बर्तन थे और हाथों में गुलाब के फूल लेकर वे सरकार से गांवों में पानी की व्यवस्था और बोर खनन कराने की मांग कर रही थीं. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जल संकट से जूझ रहे गांवों में नलकूप खनन कराया जाए. ग्रामीणों के अनुसार विभागीय अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष विभाग के बजट में लगभग 70 प्रतिशत कटौती होने से सभी गांवों में नलकूप खनन कराना संभव नहीं हो पा रहा है. इसके बाद ग्रामीणों ने वित्त विभाग से लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग का बजट बढ़ाने और जल संकट प्रभावित गांवों में राहत देने की मांग उठाई. प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि गांवों में जल्द बोर खनन नहीं कराया तो उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा.
