जबलपुर : मुश्किल से तुम मिले थे हजारों हजार में सौ रंग घुल गए थे फस्ले बहार में अवसर था वर्तिका द्वारा आयोजित साज जबलपुरी के पुण्य स्मृति कार्यक्रम का जिसमें अध्यक्ष प्रतुल श्रीवास्तव वरिष्ठ पत्रकार एवं मुख्य अतिथि मशहूर जादूगर एस के निगम मौजूद थे वही विशिष्ट अतिथि विजय जायसवाल रहे अतिथियों ने अपने वक्तव्य में कहा कि स्वर्गीय साज जबलपुरी एक अच्छे गजलकार, कवि एवं बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे उनकी लिखी गजलों को अनूप जलोटा एवं चंदन दास ने अपना स्वर दिया है.
दूरदर्शन नई दिल्ली से अनेकों बार उनकी गजलों का प्रसारण हुआ है संयोजक विजय नेमा ने बताया कि वर्तिका के संस्थापक हैं और उन्होंने हमेशा नवोदित साहित्यकारों को मंच एवं मार्गदर्शन दिया है वही अध्यक्ष संतोष नेमा ने उनकी स्मृतियों का स्मरण करते हुए उनके सहज सरल सहयोगी व्यवहार की सराहना करते हुए कहा कि उनकी लिखी हुई गजलें आज भी प्रासंगिक हैं उपस्थित सभी साहित्यकारों ने उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की कार्यक्रम का संचालन राजेश पाठक प्रवीण ने किया एवं द्वितीय सत्र में काव्यांजलि अर्पित करते हुए तमाम कवियों ने काव्य रस वर्षा की जिन में दीपक तिवारी, प्रतिमा श्रीवास्तव, विवेक गुप्ता, प्रेमचंद पालीवाल, प्रकाश ठाकुर, ज्योति मिश्रा, ज्योति प्यासी, प्रीति नामदेव, तरुणा खरे, डॉ सलमा जमाल, नीतू सिंह आदि मौजूद रहे।
