सीहोर. ब्राह्मणों द्वारा श्रावण पूर्णिमा को श्रावणी उपाकर्म मां नर्मदा, पार्वती, सीवन, नेवज व जिले भर की मुख्य व सहायक नदियों के तटों पर श्रावणी उपाकर्म कार्यक्रम आयोजित कर किए जाएंगे.
पं. सुनील शर्मा ने बताया कि ब्राह्मणों की उपस्थिति में स्नान, ध्यान, हवन पूजन श्रद्धालुजनों के द्वारा किया जाएगा. श्रावणी उपाकर्म में हेमाद्रि संकल्प आदि किया जाता है व गुरूदेव के सानिध्य में दूध, दही, घी, गोबर, गोमूत्र, कुशा, फल आदि से स्नान कर शुद्धीकरण किया जाता है. दसविधि स्नान करने से शारीरिक मानसिक आत्मशुद्धि होती है और आत्मा मन शरीर पवित्र होता है. यह धार्मिक अनुष्ठान वन, आश्रम, व नदी तट पर व्यवस्थानुसार किया जाता है. श्रावणी उपाकर्म अंतर्गत देव ऋ षि व पितरों का ध्यान कर तर्पण किया जाता है और हवन पूजन किया जाता है फिर नवीन यज्ञोपवित्र धारण किया जाता है. शहर के विभिन्न आश्रमों सहित हनुमान फाटक, भूतेश्वर आदि पर श्रावणी की जाएगी.
