नयी दिल्ली 21 जनवरी (वार्ता) केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि बढ़ती अर्थव्यवस्था को आज की कल्पना से कहीं अधिक एक समृद्ध विद्युत क्षेत्र की आवश्यकता है आने वाले समय में विद्युत क्षेत्र का अधिक विस्तार होने वाला है।
श्री खट्टर से बुधवार को यहां विद्युत वितरण उद्योग सम्मेलन (ईडीकॉन) 2026 के उद्घाटन के बाद कहा कि बढ़ती अर्थव्यवस्था को आज की कल्पना से कहीं अधिक एक समृद्ध विद्युत क्षेत्र की आवश्यकता है। ऐसे में, हमारे वितरण और आपूर्ति कंपनियों (डीएससीओ) का मजबूत, समृद्ध और आर्थिक रूप से सशक्त होना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मजबूत डीएससीओ का अर्थ बेहतर सेवाएं और उपभोक्ताओं की जरूरतों के प्रति अधिक संवेदनशीलता है।
उन्होंने राज्य विद्युत नियामक आयोगों से लागत के अनुरूप टैरिफ की दिशा में आगे बढ़ने का आग्रह किया। उन्होंने साथ ही विद्युत अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार जरूरतमंद उपभोक्ताओं के लिए लक्षित सब्सिडी सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया।
श्री खट्टर ने इस दौरान छह अलग-अलग श्रेणियों में 12 वितरण कंपनियों को स्वर्ण और रजत पुरस्कार प्रदान किए। इनमें गुजरात, ओडिशा, असम, बिहार, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की वितरण कंपनियां शामिल थीं। पुरस्कार की छह श्रेणियां ग्रामीण क्षेत्रों में राजस्व वसूली में सुधार, स्मार्ट मीटर डेटा का सर्वोत्तम उपयोग, डिजिटल भुगतान के संदर्भ में उपभोक्ता संतुष्टि में सुधार, नवीकरणीय ऊर्जा एकीकरण में नवाचार, कृषि फीडरों का सौर ऊर्जा से अनुकूलन और उपभोक्ता सेवाओं में सुधार के लिए प्रभावी परिवर्तन प्रबंधन से संबंधित थीं।
