
सुरेश पाण्डेय पन्ना। रीवा के एक सराफा कारोबारी मोहन लाल सोनी के साथ लाखों की ठगी और ब्लैकमेलिंग की गंभीर वारदात सामने आई है। जिसमें उसके दोस्त सहित मडला में पदस्थ पुलिस कर्मियों की भूमिका सामनें आयी है। जिस पर त्वरित कार्यवाही करते हुये एसपी पन्ना श्रीमति निवेदिता नायडू द्वारा थाना प्रभारी मडला सहित संदेही पुलिसकर्मियों पर निलंबन की कार्यवाही की जानकारी मिली है। हालांकि इसकी पुष्टी के लिए एसपी पन्ना सहित अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पन्ना से उनके मोबाइल पर कई बार संपर्क करना चाहा लेकिन मोबाइल रिसिव न होने से इसकी पुष्टी नही हो सकी है। पीड़ित कारोबारी मोहन लाल सोनी ने एसपी पन्ना को दिये गये पत्र में उल्लेख किया है कि अपनी बेटी की शादी के लिए रिसॉर्ट बुक करने पन्ना जा रहे थे और उन्होंने कार के डैशबोर्ड में 5 लाख रुपए नगद रखे थे। रास्ते में केन नदी के पास एक पेट्रोल पंप पर उनकी मुलाकात फेसबुक फ्रेंड अमित प्रयाग और उसके साथी से हुई, जो कार में आकर बैठ गए। उनके जाने के तुरंत बाद खुद को पुलिसकर्मी बताने वाले कुछ लोग वहां पहुंचे और गाड़ी में नशीला पदार्थ होने का आरोप लगाते हुए कारोबारी को धमकाने लगे। आरोपी कारोबारी को कार में बंधक बनाकर रीवा मार्ग की तरफ ले गए, जहां डायल 112 खडी थी उससे पुलिसकर्मी उतर कर आए जो ड्रेस में थे उन्होंने मामला रफा-दफा करने के लिए 5 लाख रुपए की मांग की। जब कारोबारी ने देखा कि कार में रखे 5 लाख रुपए पहले ही चोरी हो चुके हैं, तो उक्त पुलिसकर्मियों ने उन्हें जेल भेजने की धमकी देकर और पैसे मंगाने का दबाव बनाया। डर के मारे पीड़ित ने अपनी पत्नी से संपर्क किया, जिन्होंने खाते से 95 हजार रुपए ट्रांसफर किए। वहां पुलिसकर्मियों ने उसे केस में फंसाने की धमकी देकर पैसों की मांग की। डर के मारे पीड़ित ने तुरंत अपनी पत्नी को फोन कर अपने खाते में 50 हजार रुपये डलवाए। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उस पर और दबाव बनाया, जिसके चलते पीड़ित ने शराब दुकान के बार कोड पर 45 हजार रुपये ट्रांसफर किए। कुल 1 लाख 45 हजार रुपये वसूलने के बाद ही पुलिसकर्मियों ने पीड़ित को वहां से छोड़ा। फिलहाल उपरोक्त मामले की निष्पक्ष एवं बारीकी से विभिन्न पहलुओं की जांच के लिये एसडीओपी पन्ना को एसपी पन्ना द्वारा जांच सौंपी गई है।
