
भोपाल। मध्यप्रदेश इन दिनों भीषण गर्मी की मार झेल रहा है। प्रदेश का अधिकांश हिस्सा तेज लू और झुलसा देने वाली धूप की चपेट में है। हालात ऐसे हैं कि दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा नजर आ रहा है और लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। राजधानी भोपाल समेत कई शहरों में तापमान लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में मई महीने के दौरान पहली बार लगभग पूरा मध्यप्रदेश तीखी गर्मी से तपता दिखाई दिया। भोपाल में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे शहर में गर्म हवाओं का असर साफ महसूस हुआ। कई इलाकों में सड़कें तक गर्मी के कारण नरम पड़ती नजर आईं।
बुंदेलखंड क्षेत्र सबसे अधिक गर्म रहा। छतरपुर जिले के खजुराहो में तापमान 46.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस सीजन का सबसे अधिक तापमान माना जा रहा है। वहीं नौगांव में पारा 46 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक खजुराहो में यह इतिहास का दूसरा सबसे गर्म दिन रहा। इससे पहले 29 अप्रैल 1993 को यहां 46.9 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया था।
प्रदेश के 22 शहरों में पहली बार इस सीजन में तापमान 44 डिग्री या उससे अधिक दर्ज किया गया। ग्वालियर, रीवा, सागर, टीकमगढ़, दमोह और निवाड़ी सहित कई जिलों में लू के थपेड़ों ने जनजीवन प्रभावित किया। लगातार बढ़ती गर्मी के चलते बिजली की मांग भी बढ़ गई है, जबकि अस्पतालों में हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या में इजाफा देखा जा रहा है।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम जताई है और लोगों को दोपहर में बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने तथा सावधानी बरतने की सलाह दी है।
