
भोपाल। सिंहस्थ-2028 के सुव्यवस्थित और सुरक्षित आयोजन को लेकर पुलिस, रेलवे, जीआरपी, आरपीएफ और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की उच्च स्तरीय समन्वय बैठक आयोजित कर विशाल धार्मिक आयोजन के लिए व्यापक रणनीति तैयार की गई। बैठक में अभूतपूर्व भीड़ को ध्यान में रखते हुए समग्र योजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में प्रयागराज महाकुंभ-2025 के अनुभवों से सीख लेते हुए आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने कहा कि श्रद्धालुओं की संख्या पूर्व आयोजनों से अधिक रहने की संभावना है, इसलिए सभी विभागों के बीच मजबूत तालमेल अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने संयुक्त कंट्रोल रूम स्थापित करने और शाही स्नान जैसे अवसरों पर अलग-अलग प्रवेश एवं निकास मार्ग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उज्जैन, इंदौर, रतलाम, भोपाल, ओंकारेश्वर रोड और सीहोर के रेलवे स्टेशनों पर आधारभूत संरचना सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया गया। फुटओवर ब्रिज चौड़े करने, संकेतक सुधारने, पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम मजबूत करने और अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन जैसे उपायों पर सहमति बनी।
बैठक में बहु-स्तरीय क्राउड मैनेजमेंट, इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से रियल-टाइम मॉनिटरिंग और एआई आधारित निगरानी प्रणाली लागू करने पर भी चर्चा हुई। साथ ही खुफिया तंत्र मजबूत करने, सीसीटीवी कवरेज बढ़ाने और त्वरित प्रतिक्रिया दलों की तैनाती को प्राथमिकता दी गई।
रेलवे अधिकारियों ने 2016 की तुलना में तीन गुना अधिक विशेष ट्रेनें चलाने, डायनेमिक टाइम टेबल और शॉर्ट डिस्टेंस शटल सेवाएं संचालित करने की योजना साझा की। 9 अप्रैल से 8 मई 2028 तक चलने वाले इस आयोजन में करीब 30 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है, जबकि शाही स्नान के दिनों में एक दिन में 5 करोड़ तक श्रद्धालु पहुंच सकते हैं।
भोपाल में हुई बैठक में एडीजी ए. साईं मनोहर, राजाबाबू सिंह, राकेश गुप्ता, उज्जैन कमिश्नर आशीष सिंह, कलेक्टर रोशन सिंह, एसपी प्रदीप शर्मा, डीआईजी नवनीत भसीन और तरुण नायक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने विश्वास जताया कि बेहतर योजना, तकनीक और समन्वय से सिंहस्थ-2028 का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न कराया जाएगा।
